मुंगेर जिले के साफियाबाद थाना क्षेत्र के डकरा सतखजुरिया गांव में सोमवार को एक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। बालू लदा एक अनियंत्रित ट्रक तेज रफ्तार में दौड़ते हुए एक साढ़े तीन साल के मासूम बच्चे हेमंक को कुचलते हुए निकल गया। बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा दोपहर में हुआ, जब लखीसराय की ओर से आ रहा ट्रक मुंगेर की तरफ बढ़ रहा था।
बताया जा रहा है कि ट्रक चालक ट्रक को नियंत्रित नहीं कर सका और बच्चा उसकी चपेट में आ गया। हादसे के तुरंत बाद ट्रक एक सड़क किनारे पोल से टकरा गया। हादसे के बाद मौके पर जुटे गुस्साए ग्रामीणों ने ट्रक ड्राइवर और खलासी की जमकर पिटाई कर दी। सूचना मिलते ही साफियाबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ड्राइवर व खलासी को भीड़ से छुड़ाकर हिरासत में ले लिया।
मुआवजे की मांग को लेकर तीन घंटे तक एनएच जाम
जानकारी के मुताबिक, घटना की खबर जैसे ही गांव में फैली शोक में डूबे मृतक के परिजन और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने मुआवजे की मांग को लेकर नेशनल हाईवे को जाम कर दिया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और तीन घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा। गर्मी और ट्रैफिक की वजह से यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सबसे अधिक तकलीफ बुजुर्गों और बच्चों को हुई।
परिवार का इकलौता बेटा था हेमंक
ग्रामीणों ने बताया कि हेमंक दो बहनों का इकलौता छोटा भाई था। उसके पिता हेमंत मंडल परदेश में मजदूरी करते हैं। घटना की खबर सुनकर परिवार पूरी तरह सदमे में है। परिजन बेसुध हो चुके हैं और किसी भी सवाल का जवाब देने की हालत में नहीं हैं।
चार दिनों में तीसरी मौत
सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। साफियाबाद थाना क्षेत्र में यह चार दिनों के भीतर तीसरी सड़क दुर्घटना है, जिसमें जान गई है। इससे पहले गुरुवार को सिघिया महमदपुर में ठेला चालक रामचरित्र चौधरी, शुक्रवार को राबिया खातून और रविवार को अब हेमंक की मौत ने इलाके को झकझोर कर रख दिया है। लगातार हो रही दुर्घटनाओं से लोगों में दहशत और आक्रोश दोनों है।
चालक से पूछताछ कर रही पुलिस
साफियाबाद थानाध्यक्ष अमरेश कुमार सिंह ने जानकारी दी कि हादसे में शामिल ट्रक को जब्त कर लिया गया है और चालक को गिरफ्तार कर पुलिस हिरासत में ले लिया गया है। चालक की स्थिति गंभीर बताई जा रही है, उसे सदर अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। स्थानीय लोग अब प्रशासन से सड़क सुरक्षा के उपायों, ट्रैफिक नियंत्रण और मुआवजा योजना की ठोस व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।