पूर्णिया में दोस्तों ने मिलकर एक किशोर की हत्या कर दी और फिर शव को मंदिर के पीछे फेंक दिया। घटना मरंगा थाना क्षेत्र के बोरिया धार की है। मृतक की पहचान मरंगा थाना क्षेत्र के विक्रम पट्टी निवासी मो पप्लू के बेटे मो दानिश (16) के रूप में हुई है। किशोर बाइक सर्विसिंग का काम करता था।
घटना के संबंध में परिजनों ने बताया कि मृतक मो दानिश का गांव के ही एक डीलर के साथ विवाद चल रहा था। इसी विवाद में डीलर के बेटे और उसका साथी किशोर को बिठाकर अपने साथ ले गया। सुनसान जगह पर ले जाकर गमछे से गला घोंटकर उसकी निर्मम हत्या कर दी। शव मरंगा थाना क्षेत्र के बोरिया धार काली मंदिर के पीछे फेंका हुआ मिला है। किशोर बाइक सर्वसिंग का काम करता था।।
घटना की जानकारी देते हुए मृतक के पिता मो पप्लू ने बताया कि उनके बेटे मो दानिश से 15 दिन पहले गांव के डीलर की आपसी कहासुनी और हाथापाई हुई थी। इसी के बाद डीलर मो अयूब और उसके बेटे मो चांद ने उनके बेटे को जान से मारने की धमकी दी थी।7 बजे सुबह मुनाजिर बाइक लेकर चांद के साथ उनके घर आया। घूमने चलने की बात कहकर उसे अपने साथ ले गया। दोपहर करीब 2:30 बजे मरंगा थाना क्षेत्र के बोरिया धार काली मंदिर के पीछे मिला। बेटे की लाश मिलने पर उन्होंने बाइक से बेटे को साथ ले जाने जाने वाले दोस्त मो मुनाजिर से पूछताछ की। जिसके बाद मो मुनाजिर ने मो दानिश की हत्या किए जाने की बात कबूली और बताया कि मो चांद के कहने पर वो उसे बोरिया धार काली मंदिर के पीछे सुनसान जगह पर ले गया। यहां मो चांद ने तीन साथी को पहले से बुला रखा था। मो चांद ने गले से गमछा उतारा और इसी गमछे को किशोर दानिश के गले में फंसा दिया। इसी गमछे से गला घोंटकर किशोर की हत्या कर दी गई। किशोर का एक हाथ की हड्डी टूटी हुई मिली।
किसी को इस मर्डर की भनक न लगे इसके लिए वे शव को दफनाने का इंतजार करने लगे। मगर आसपास के शोर भरे इलाके को देखते हुए वे सभी शव को वहीं फेंककर भाग निकले। उन्हें लगा कि लाश को कुत्ते नोच खाएंगे। मृतक के पिता मो पप्लू ने आगे बताया कि गांव से गुजर रहे ग्रामीणों की नजर शव पर पड़ी। कुछ ही देर बाद शव मिलने की सूचना उनलोगों तक पहुंची। जिसके बाद शव की शिनाख्त की जा सकी।