सीएम नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग।
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राजद ने सीएम नीतीश पर साधा निशाना
राजद प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने जदयू के प्रदेश कार्यकारिणी के राजनीतिक प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि प्रस्ताव में विरोधाभासी तथ्यों के साथ हीं केवल एक व्यक्ति विशेष के स्तुति गान तक ही सिमटी है। राजद प्रवक्ता ने कहा कि राजनीतिक प्रस्ताव देखने से तो यही लगता है कि वैचारिक दृष्टिकोण से पार्टी खुद अस्पष्ट और भ्रमित है। पार्टी का एकमात्र लक्ष्य किसी प्रकार की सौदेबाजी कर सत्ता में बने रहना है। प्रस्ताव में जदयू ने अपने को महात्मा गांधी, डॉ अम्बेडकर, लोहिया, जेपी, युसूफ मेहर अली और कर्पूरी जी के वैचारिक विरासत का वाहक होने का दावा किया गया है। पर व्यवहारिक रूप इस दल का आचरण उन पुरुषों के वैचारिक सोच के विपरित हीं रहा है। राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर साम्प्रदायिक और विभाजनकारी शक्तियों के साथ हीं प्रभुत्ववादी ताकतों को स्थापित करने में जदयू का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। प्रस्ताव में दावा किया गया है कि यदि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा और विशेष पैकेज मिला रहता तो बिहार अबतक विकसित राज्यों की श्रेणी में आ जाता। वहीं यह भी कहा गया है कि प्रधानमंत्री जी की कृपा से विशेष पैकेज मिल भी रहा है। इससे स्पष्ट है कि यदि मुख्यमंत्री की कुर्सी सुरक्षित रहे तो जदयू बिहार के वाजिब हिस्से के लिए भी केन्द्र से कोई मांग नहीं करेगा।