उत्तर बिहार के सबसे बड़े अस्पताल में एक साथ छह डेंगू मरीजों के मिलने से हड़कंप मच गया है। पूरा डीएमसीएच का डेंगू वार्ड डेंगू मरीजों को लेकर अलर्ट मोड पर है। पिछले 24 घंटे में छह मरीजों को डीएमसी से भर्ती कराया गया है। पहले से इलाजरत दो मरीजों को छुट्टी दे दिया गया। डेंगू वार्ड में इलाजरत सभी छह मरीज डेंगू से पीड़ित हैं, जिनका इलाज चल रहा है।
बता दें कि डीएमसीएच में डेंगू मरीजों के इलाज के लिए 40 बेड का डेडिकेटेड वार्ड बनाया गया। इस साल अब तक डीएमसीएच में कुल 40 डेंगू मरीजों को भर्ती करवाया गया था, जिनमें से 34 को छुट्टी दे दी गई है। डीएमसीएच में इलाज करवा रहे मरीज के परिजन नंदलाल ठाकुर ने बताया, मेरे मरीज रामाशीष पासवान सेवानिवृत बिहार पुलिस के जवान हैं। इनका कोई भी ट्रैवेल हिस्ट्री नहीं है। इन्हें करीब एक सप्ताह से बुखार लग रहा था। बुखार में कमी नहीं होने के चलते इन्हें डीएमसीएच में इलाज के लिए भर्ती कराया गया, जहां जांच में डेंगू पॉजिटिव पाया गया है।
नेपाल से आए मरीज में मिले डेंगू के लक्षण
वहीं, मधुबनी जिले के हरलाखी निवासी जितेश मल्लिक ने बताया कि वह नेपाल के झापा जिला में स्थित एक मोबाइल दुकान में वह काम किया करता है। बीते गुरुवार से ही उसे नेपाल में बुखार आने लगा था। वहां के इलाज से सुधार नहीं होने पर वह भारत में अपने घर आ गया। परिजनों ने उसे इलाज के लिए डीएमसीएच में भर्ती कराया, जहां माइक्रो बायोलॉजी विभाग में जांच कराने पर डेंगू पॉजिटिव आने पर उसे डेंगू वार्ड में भर्ती कर लिया गया है।
इस संबंध में डीएमसीएच की अधीक्षक डॉ अलका झा ने कहा, पिछले 24 घंटे में डेंगू के छह मरीजों को डीएमसीएच के डेंगू वार्ड में भर्ती कराया गया है। अस्पताल के पूरे परिसर में बराबर छिड़काव कराया जा रहा है। पटना और भागलपुर की तुलना में डीएमसीएच में आने वाले डेंगू मरीजों की संख्या कम है। इसके बावजूद जो मरीज आ रहे हैं, उनमें से ज्यादातर मरीजों के पास कोई न कोई ट्रैवल हिस्ट्री रहा करता है। यहां इलाजरत सभी मरीजों का पूरा ख्याल रखा जा रहा है।