अमर उजाला ने सुबह से लगातार उठाया सवाल, अब आयी राहत मगर बहुत थोड़ी।
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क्या गर्मी छुट्टी हुई ही नहीं बिहार में, जानें पूरी बात
बिहार में गर्मी छुट्टी के पहले अप्रैल से मॉर्निंग स्कूल हो जाता था। उसके बाद मई में 15-20 तारीख के आसपास गर्मी छुट्टी होती थी। पूरे जेठ में गर्मी की छुट्टी लगभग रह जाती थी। इस बार केके पाठक के आने पर शिक्षा विभाग ने अनूठा प्रयोग किया। इस साल 15 अप्रैल से 14 मई तक गर्मी छुट्टी का प्रावधान रखा गया। फिर मिशन दक्ष के बच्चों और सभी शिक्षकों को इस दौरान बुला लिया गया। इसके अलावा यह भी कहा गया कि जो बच्चे आना चाहें, आ सकते हैं क्योंकि स्कूल खुले रहे हैं। ऐसे में गर्मी छुट्टी की औपचारिकता होकर रह गई। 15 मई से 18 मई के बीच अमूमन सभी जिलों के प्राइवेट स्कूलों ने गर्मी छुट्टी कर दी, लेकिन सरकारी विद्यालयों में स्कूल और कड़ाई से खुलने का आदेश आ गया। छह बजे से 12 बजे तक विद्यार्थियों को रहना है, उसके बाद मिड डे मील ग्रहण कर जाना है। मतलब, बच्चों के लिए छह बजे से साढ़े 12 बजे भरी दोपहरी तक स्कूल। उधर, शिक्षकों को 15 अप्रैल से 14 मई तक मिशन दक्ष के नाम पर गर्मी छुट्टी नहीं मिली और इधर पौने छह बजे स्कूल पहुंचने और डेढ़ बजे तक यहीं बैठने का आदेश आ गया था। नतीजा, गर्मी अपने चरम पर है तो बच्चों से लेकर शिक्षक तक बेहोश हो रहे थे। अब मुख्यमंत्री के मुख्य सचिव को जारी आदेश, मुख्य सचिव की ओर से शिक्षा विभाग को पीत पत्र की जगह भेजे आदेश और जिलाधिकारियों को सचिवालय से भेजी चिट्ठी ने साफ कर दिया है कि चलेगी तो सीधे सरकार की। मतलब, 8 जून तक सारे स्कूल बंद रहेंगे। आंगनबाड़ी से 12वीं के सभी स्कूल। स्कूलों को बंद करने का आदेश तो आ गया, लेकिन शिक्षकों को लेकर केके पाठक का आदेश ही शायद चले।