चाहे राहुल गांधी हो या तेजस्वी यादव, जिनको लीड करना है...
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के द्वारा बीपीएससी अभ्यर्थियों के मुद्दे पर राजनीति करने वाले बयान पर पलटवार करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि चूंकि यह राजनीति है इसलिए लोग एक दूसरे पर छिंटाकशी करते ही हैं, यह कोई बड़ी बात नहीं है। उन्जाहोंने कहा कि जहां पर मैं आमरण अनशन पर हूं, वहां जन सुराज का बैनर नहीं लगा है। यहां मैं छात्रों के समर्थन में खड़ा हुआ हूं। इसलिए जिसको समर्थन करना है वह यहां आएं और अभ्यर्थियों का समर्थन करें। अगर वह इस स्थल पर उनका समर्थन करेंगे तो मैं उनके पीछे चला जाऊंगा, लेकिन असल बात यह है कि चाहे राहुल गांधी हो या तेजस्वी यादव, जिनको लीड करना है वह यहां आकर आन्दोलन को लीड करें। प्रशांत किशोर ने कहा कि हमारा क्या है हम तो पीछे खड़े होने के लिए तैयार हैं। बस छात्रों का काम होना चाहिए।
अगर सरकार नहीं मानती है तो..
प्रशांत किशोर ने कहा कि हमने यही आग्रह किया है कि मुख्यमंत्री छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से जाकर मिले लें और बैठकर आपस में रास्ता निकाल लें। छात्रों की जो मांग है उसके लिए सीएम को मिल लेना चाहिए। प्रशांत किशोर ने यह भी कहा कि मैं जिस मुद्दे पर अनशन पर हूं अब यह सरकार पर निर्भर करता है कि वह इसे मानती है या नहीं। अगर नहीं मानती है तो मैं यहीं अनशन पर बना रहूंगा। लेकिन अगर पुलिस मुझे गिरफ्तार करती है तो मेरी गिरफ्तारी से यह आंदोलन खत्म नहीं हो जायेगा, जन सुराज खत्म नहीं हो जायेगा। पीके ने कहा कि मैं जो बात कहता हूं उस पर कायम रहता हूं। तब मैं इससे 10 गुना 20 गुना ज्यादा स्तर पर तैयारी करूंगा।