सुपरकॉप आईपीएस शिवदीप लांडे का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आईजी शिवदीप लांडे का इस्तीफा मंजूर किया है। इसकी अधिसूचना राष्ट्रपति भवन ने जारी की है। आईपीएस अधिकारी शिवदीप लांडे ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने रिजाइन करने की घोषणा की थी। अब राष्ट्रपति राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका इस्तीफा मंजूर किया है। आईपीएस अधिकारी शिवदीप लांडे ने 19 सितंबर को इस्तीफा दिया था। इससे पहले 6 सितंबर को उन्होंने पूर्णिया रेंज के आईजी का चार्ज संभाला था। चार्ज लेते ही इस्तीफा देने की जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया पर दे दी थी।
इस्तीफा देते ही मुख्यालय ने दे दी थी नई जिम्मेदारी
आईपीएस अधिकारी शिवदीप वामनराव लांडे उस समय पूर्णिया के आईजी बनाये गये थे। लेकिन दो सप्ताह बाद ही उन्होंने इस्तीफा दे दिया, लेकिन उनका इस्तीफा मंजूर नहीं किया गया। फिर मुख्यालय ने पूर्णिया आईजी शिवदीप वामनराव लांडे को वापस मुख्यालय बुला लिया और उनकी जगह सीनियर आईपीएस अधिकारी राकेश राठी को पूर्णिया के आईजी पद की जिम्मेदारी सौंप दी। आईजी शिवदीप वामनराव लांडे को फ़िलहाल पुलिस महानिरीक्षक, प्रशिक्षण की जिम्मेदारी दी गई थी।
इस्तीफा के बाद इस बात की भी खूब चली चर्चा
आईपीएस शिवदीप लांडे ने 19 सितम्बर को सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए अपने इस्तीफे का एलान किया था। उनके इस्तीफे की चर्चा पूरे बिहार में जमकर हुई। लेकिन साथ ही लोग यह भी कयास लगाने कि शिवदीप लांडे शायद अब राजनीति में कदम रखेंगे। सोशल मीडिया में और कई संस्थानों में यह भी खबरे खूब चलीं कि शिवदीप लांडे जन सुराज में शामिल होंगे। लेकिन उन्होंने फिर दूसरी बार सोशल मीडिया पर इस तरह की चर्चाओं पर खुद विराम लगा दिया।
नौकरी छोड़ राजनीति में कदम रखने की अटकलों के बीच पत्नी को दिया था संदेश
प्रशासनिक अधिकारी की नौकरी छोड़ राजनीति में प्रवेश करने की चर्चाओं के बीच आईपीएस अधिकारी शिवदीप लांडे ने फिर सोशल मीडिया का सहारा लिया। इस बार उन्होंने न सिर्फ इस्तीफे का कारण बताया बल्कि पत्नी गौरी के जन्मदिन पर उनको समर्पित एक संदेश भी लिखा। उन्होंने लिखा कि- त्याग यह शब्द किताबों में पढ़ने में अच्छा लगता है, लेकिन गौरी, तुम्हारा त्याग ही मेरे इस निर्णय का कारण है। तुम्हारे समर्पण और मेरे बिहार के प्रति संवेदना को समझने के लिए मैं शब्द नहीं ढूंढ सकता। तुम्हारे इस त्याग के कारण मैंने भारतीय पुलिस सेवा से इस्तीफा देने और बिहार में अपना अगला समय बिताने का निर्णय लिया।