मैं बिहार का मुख्यमंत्री बना और नीतीश जी केंद्र सरकार में मंत्री बनें
राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने कहा कि मैं और नीतीश कुमार दोनों लंबे समय तक साथ रहे हैं। जब हमलोग दिल्ली में थे, तो हमलोगों हमेशा तैयार रहते थे कि हमदोनों को केंद्र सरकार की मंत्रिमंडल में जगह मिलेगी। शरद यादव जी आज नहीं हैं हम सब के बीच। उस समय कहा गया था कि हमलोगों मंत्री बनेंगे। इसके बाद हमलोगों को यह सौभाग्य प्राप्त हुआ कि मैं बिहार का मुख्यमंत्री बना और नीतीश जी केंद्र सरकार में मंत्री बनें।
पुस्तक से जो भी आय होगी, उसे दिव्यांगजनों को दिया जाएगा
ज्ञान में आयोजित इस कार्यक्रम में इस पुस्तक के लेखक उदय कांत मिश्र, विधान परिषद के सभापति देवेश चंद्र ठाकुर, बिहार सरकार के वित्त मंत्री विजय चौधरी, शिक्षा मंत्री प्राे. चंद्र शेखर, जल संसाधन मंत्री संजय झा समेत कई वरीय नेता मौजूद रहे। राजकमल प्रकाशन द्वारा प्रकाशित इस किताब को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी दोस्तों में से एक उदय कांत मिश्र ने लिखी है। इस पुस्तक से जो भी आय होगी, उसे दिव्यांगजनों को दिया जाएगा।
मंच पर उदय कांत मिश्र, लालू प्रसाद, देवेश चंद्र ठाकुर और विजय चौधरी।
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आजादी के बाद के बिहार की राजनीति का लेखा-जोखा भी है इसमें
इसे लिखने वाले उदय कांत मिश्र का कहना है "नीतीश कुमार अंतरंग दोस्तों की नजर से" किताब एक शख्स के मुन्ना बाबू, नेताजी, नीतीश जी से माननीय नीतीश कुमार बनने की कहानी है। साथ ही इस किताब में आजादी के बाद के बिहार की राजनीति का लेखा-जोखा भी है। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि नीतीश कुमार को इस मुकाम तक पहुंचने में काफी संघर्ष करना पड़ा। इस संघर्ष को सामने रखने की कोशिश मैंने इस किताब के जरिये की। उदय कांत मिश्र ने कहा कि मैंने पूरी किताब मोबाइल पर लिखी है। पहले तो यह 1200-1300 पेज की किताब हो गई थी। उसके बाद कई चीजों को हटाने पर इसे 600-700 पेज में समेटा गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से कई अनेक अनछुए पहलू 760 पेज में दर्ज हैं।