पटना में रहने वाले 27 पाकिस्तानी नागरिकों में से अधिकतर ने बीमारी का हवाला देकर अपने वीजा का टाइम बढ़ाया था। वह पिछले कई माह से यहीं रह रहे थे। पहलगाम हमले के बाद विदेश शाखा ने 27 पाकिस्तानी नागरिकों से जुड़ी सारी जानकारी स्थानीय थाने को उपलब्ध कराई है।
पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत सरकार एक्शन में हैं। केंद्र सरकार ने पाकिस्तानियों का वीजा रद्द कर दिया था और देश के अलग-अलग राज्यों में रह रहे पाकिस्तानियों को अपने फौरन देश लौटने का फरमान जारी किया था। पटना में इस वक्त 27 पाकिस्तानी नागरिक वीजा पर रह रहे हैं। इनमें 24 महिलाएं हैं। केंद्र सरकार के आदेश के बाद इनकी परेशानी बढ़ गई है।
विज्ञापन
दरअसल, पटना के सब्जीबाग, समनपुरा, रुकनपुरा और फुलवारी शरीफ में यह सभी पाकिस्तानी एक्सटेंशन वीजा पर रह रहे थे। यह लोग तीन से सात दिन के लिए पटना आए थे लेकिन बाद में रिश्तेदार बीमार समेत अन्य कुछ कारण बता इनलोगों ने अपने रहने की अवधि बढ़ा ली थी। अब जब भारत सरकार ने इनका वीजा रद्द कर दिया तो बिहार पुलिस की स्पेशल ब्रांज और पासपोर्ट कार्यालय की टीम इसकी जांच में जुट गई है।
पुलिस के अनुसार, एक्सटेंशन वीजा पर रहने वाले पाकिस्तानी नागरिकों को अपने वतन लौटना होगा। अगर वह नहीं जाते हैं तो उन्हें विदेशी घुसपैठियां घोषित कर दिया जाएगा। उन्हें गिरफ्तार भी किया जाए सकता है। पुलिस सूत्रों की मानें तो पाकिस्तानी नागरिकों ने भारतीय नागरिकता के लिए अपना पासपोर्ट सरेंडर कर दिया है। इनमें तीन महिलाएं भी हैं। वहीं तीन में से एक अन्य महिला पर पीरबहोर थाने में केस दर्ज है। हालांकि, कोर्ट ने महिला को जमानत दी है।