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Bihar: बिहार के नवादा जिले में पांच पुलिसकर्मियों को दो घंटे तक लॉकअप में रखा, एसपी के खिलाफ जांच के आदेश

Fri, 16 Sep 2022 02:06 AM IST
देव कश्यप पीटीआई, पटना।

सार

कथित घटना नौ सितंबर को नवादा जिले के एक थाने में हुई। नवादा जिले के एसपी गौरव मंगला तीन सहायक अवर निरीक्षकों और दो अवर निरीक्षकों के प्रदर्शन से असंतुष्ट थे और उन्होंने कथित तौर पर उन्हें दो घंटे तक लॉकअप के अंदर रखा।
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नवादा जिले के पुलिस अधीक्षक गौरव मंगला। (फाइल फोटो) - फोटो : Indianbureaucracy
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विस्तार
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बिहार के नवादा जिले में पुलिस अधीक्षक (एसपी) द्वारा पुलिसकर्मियों को लॉकअप में रखने का मामला सामने आया है। इस मामले में बिहार पुलिस एसोसिएशन ने एसपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। बिहार पुलिस मुख्यालय ने मगध रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) को नवादा जिले के एसपी के खिलाफ पेश किए गए सबूतों की सत्यता की जांच करने और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं। नवादा जिले के पुलिस अधीक्षक गौरव मंगला पर पांच पुलिसकर्मियों को दो घंटे तक लॉकअप में रखने के आरोप हैं।

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सीआईडी और बिहार पुलिस कमजोर वर्ग प्रभाग के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) अनिल किशोर यादव द्वारा जारी एक आदेश के अनुसार, मगध रेंज के आईजी विनय कुमार को सात कार्य दिवस के भीतर मामले की जांच पूरी करने और मुख्यालय को अपडेट करने का निर्देश दिया गया है। आदेश में कहा गया है कि अगर सबूत प्रामाणिक पाए जाते हैं तो नवादा के एसपी के खिलाफ मामला दर्ज किया जाना चाहिए।

कथित घटना नौ सितंबर को नवादा जिले के नगर थाना में हुई थी। एसपी गौरव मंगला तीन सहायक अवर निरीक्षकों (एएसआई) और दो अवर निरीक्षकों (सब इंस्पेक्टर) के प्रदर्शन से असंतुष्ट थे और उन्होंने कथित तौर पर उन्हें दो घंटे तक लॉकअप के अंदर रखा।
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सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था वीडियो
नवादा जिले के एसपी गौरव मंगला रात करीब नौ बजे नगर थाना में केस की समीक्षा करने पहुंचे थे। लापरवाही और मामले का समय से निबटारा नहीं किये जाने को लेकर एसपी ने मौके पर मौजूद दो सब इंस्पेक्टर और तीन एएसआई को वहां के लॉकअप में बंद करा दिया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।

बिहार पुलिस एसोसिएशन के महामंत्री कपिलेश्वर पासवान ने इस संबंध में एडीजी अनिल किशोर यादव के पास शिकायत दर्ज कराई और एसपी मंगला के खिलाफ इलेक्ट्रॉनिक सबूत पेश किए। बिहार पुलिस एसोसिएशन ने एसपी के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की मांग की है। 

पासवान ने संवाददाताओं से कहा कि ‘‘हां, हमने एसपी के खिलाफ एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की मांग की है क्योंकि लॉकअप के अंदर रखे गए पुलिसकर्मी इन दो समुदायों के हैं।’’ उन्होंने कहा कि ‘‘घटना के तुरंत बाद हमें अपनी नवादा शाखा से सूचना मिली। यह अपनी तरह की पहली घटना है और इससे बिहार पुलिस की छवि धूमिल हो सकती है।’’ इस मामले में संबंधित एसपी टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं हो सके। आईजी विनय कुमार से संपर्क करने पर उन्होंने इस मुद्दे पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।

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