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Bihar News : बिहार पुलिस खुद ही लाचार; पांच दिन से गायब कांस्टेबल को नहीं ढूंढ़ पा रही पुलिस, घर वाले भटक रहे

Sat, 09 Sep 2023 07:09 AM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंगेर

सार

Bihar Police : यह बिहार पुलिस के लिए बेहद चौंकाने वाला भी और शर्मशार करने वाला मामला है। चार सितंबर से एक कांस्टेबल गायब है। तकनीकी संसाधनों के बावजूद पुलिस उसे नहीं ढूंढ़ सकी है। घर वाले दर-दर भटक रहे हैं, लेकिन कुछ पता नहीं चल पा रहा है।
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लापता कॉन्स्टेबल राहुल कुमार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुंगेर में कार्यरत पुलिस बल का जवान विगत पांच दिनों से लापता है। परिजनों का कहना है कि अंतिम बार उसकी मां से तीन सितंबर को उससे बात हुई थी।  इसके बाद से मोबाइल बंद हो गया। अब परेशान होकर उसके परिजन मुंगेर पहुंचे हैं। परिजनों ने थाना में अपहरण का मामला दर्ज कराया है।

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विभाग ने परिजनों को नहीं दी थी सूचना 
मामला कोतवाली थाना का है जहां इस थाने में पदस्थापित कॉन्स्टेबल राहुल कुमार 4 सितंबर की शाम से गायब है। वह कोतवाली थाना में क्यूआरटी टीम में पदस्थापित था। मामला के संबंध में परिजनों का कहना है कि 3 सितम्बर को माँ से बात हुई थी, लेकिन जब घर वालों ने 4 सितंबर की देर शाम को राहुल के मोबाइल पर फोन किया तो उसका मोबाईल स्विच ऑफ था। फिर अगले दिन भी जब फोन किया तो उसका मोबाईल स्विच ऑफ ही था। फिर परिजनों ने किसी अनहोनी से आशंकित होकर मुंगेर एसपी के गोपनीय शाखा में उनके गुमशुदगी की सूचना दी तो वहां से परिजनों को यह जानकारी दी गई कि राहुल गायब है।

परिजनों ने थानाध्यक्ष पर लगाया लापरवाही का आरोप 
परिजनों को फोन पर थाना से मुकम्मल जवाब नहीं मिला तब वे लोग 6 सितंबर की देर शाम मुंगेर के कोतवाली थाना पहुंचे और थानाध्यक्ष धीरेन्द्र कुमार पांडेय से लापता कॉन्स्टेबल राहुल कुमार की जानकरी ली। थानाध्यक्ष ने परिजनों को बताया कि राहुल ने 4 सितंबर की शाम 4 बजकर 16 मिनट पर अपने सहयोगी कॉन्स्टेबल सुमन पासवान को मोबाईल पर कॉल कर यह जानकारी दी कि मैं अपने एक निजी कार्य से कहीं जा रहा हूँ, इसलिए लालदरवाजा टीओपी पर सरकारी बाइक लगा दिया हूं। थानाध्यक्ष ने परिजनों को बताया कि कॉन्स्टेबल सुमन पासवान के दिए गए आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। कॉन्स्टेबल  राहुल के परिजनों का कहना है कि पुलिस ने हमलोगों को राहुल के लापता होने की जानकारी क्यों नहीं दी। परिजनों का यह भी कहना है कि जब थानाध्यक्ष को यह उसके गायब होने की जानकारी 4 सितंबर को ही हो गई थी फिर राहुल के लापता होने की प्राथमिकी 6 सितंबर को दर्ज क्यों की गई। परिजनों ने थानाध्यक्ष पर लापरवाही का आरोप लगाया है।  

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