आय से अधिक संपत्ति मामले के आरोपित बेउर जेल अधीक्षक विधु कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। गृह विभाग (कारा) ने इससे संबंधित आदेश बुधवार को जारी कर दिया है। गृह विभाग (कारा) ने यह आदेश बुधवार को जारी किया है। गृह विभाग के द्वारा जारी किये गये आदेश के अनुसार लंबन अवधि में विधु कुमार का मुख्यालय का केंद्रीय कारा निर्धारित किया गया है। गृह विभाग के आदेशानुसार निलंबित जेल अधीक्षक पर अब विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।
4 जनवरी को आर्थिक अपराध इकाई ने की थी छापेमारी
4 जनवरी की सुबह केंद्रीय कारा बेउर के अधीक्षक डॉ. विधु कुमार के गांव स्थित पैतृक घर और जेल परिसर के पास स्थित सरकारी आवास पर आर्थिक अपराध इकाई ने छापेमारी की थी। जांच टीम ने बताया था कि ईओयू की प्रारंभिक जांच में उनके पास आय से 146 प्रतिशत अधिक संपत्ति पाई गई। उसी समय उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी गई। आर्थिक अपराध इकाई ने विधु कुमार पर आरोप लगाते हुए कहा था कि उन्होंने अवैध कमाई से कई बड़े शहरों में जमीन खरीदी है। उनपर यह आरोप लगा था कि विधु कुमार ने अवैध कमाई से पटना, मोतिहारी, शिवहर, पूर्णिया और कटिहार में एक दर्जन से अधिक जमीनें खरीदीं हैं। छह महीने पहले ही डॉ. विधु कुमार की पटना के बेउर केंद्रीय कारागार में पदस्थापना हुई थी।
केंद्रीय कारा बेउर के अधीक्षक डॉ. विधु कुमार के करीबी के घर भी हुई थी छापेमारी
आर्थिक अपराध इकाई की एक टीम ने केंद्रीय कारा बेउर के अधीक्षक डॉ. विधु कुमार के करीबी जमीन कारोबारी नीरज कुमार सिंह के आवास पर भी छापेमारी की थी। यह छापेमारी मोतिहारी जिला के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के पतौरा गांव में की गई थी। इनके घर पर छापेमारी करने के पीछे का कारण यह था कि विधु कुमार पूर्व में मोतिहारी जेल के अधीक्षक थे और इस दौरान नीरज से उनका काफी संपर्क था। नीरज कुमार सिंह के खिलाफ ईओयू को कई सबूत भी हाथ लगे थे।