उन्होंने कहा कि मुझे एक बात आश्चर्य लगता है कि बिना कोई जांच के तुरंत एफआईआर कर देना। यह एक पॉलिटिकल साजिश के अलावा और क्या हो सकता है। मैंने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के कोई न्यायाधीश से इसका जांच कराएं ,अगर जांच नहीं करते तो हम धरना पर बैठेंगे। कहां की मैंने एसपी साहब से चार बार कॉल कर कह दिया बिना जांच के आप किस प्रकार से ऐसे कैसे आप अपलोड कर दिए। इसके पीछे किया गहरी साजिश है। पप्पू यादव ने कहा है कि एक ऑफिसर के द्वारा विरोधियों से मिलकर उनकी छवि को धूमिल करने की कोशिश की जा रही है। जल्द ही सबको बेनकाब कर दूंगा।
रोज शराब पीता है, इसकी भी जांच हो
उन्होंने कहा कि फर्नीचर कारोबारी राजा कुमार पहले भी जीडी गोयनका के मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई थी। इन्होंने बदतमीजी की थी। दूसरा ज्योतिष नाम ने युवक ने फर्नीचर कारोबारी पर केस किया था। जिसमें मां बहन और शर्मा समाज का नाम लेकर गाली देने का आरोप लगा था। वहीं पूर्णिया का एक बिल्डर का 70 लाख रूपया रखे हुए और उन्होंने कहा कि शायद वही भगत है जो फोरस्टर को 20 हजार रूपया देकर गिरफ्तार करवाया था। यह एक विवादित इंसान है। इसके मोबाइल की जांच की जाए कि यह किस-किस से बात करता है? और किस किस से मिलता है? और कहां कहां बैठता है? इसके बल्ड की जांच हो। यह रोज दारू (शराब) पीकर लोगों से लड़ता है। यह मधेपुरा का रहने वाला है। दो दिन के अंदर फर्नीचर व्यवसाई पर मुकदमा दर्ज करूंगा अगर जरूरत पड़ी तो धरने पर बैठेंगे।
एसपी बोले- केस दर्ज की गई है, कार्रवाई जारी है
वहीं इस मामले पर पूर्णिया SP उपेंद्र नाथ वर्मा ने कहा कि फर्नीचर व्यवसायी की ओर से पप्पू यादव पर रंगदारी मांगे जाने का आरोप लगाया गया था। इस मामले में मुफस्सिल थाने में सांसद पप्पू यादव और अमित यादव के खिलाफ IPC की धारा 385, 504, 506 और 34 के तहत केस दर्ज करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी गई है। इस मामले में सच्चाई उजागर होने पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आरोप झूठे पाए गए तो इस पर पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी। बता दें कि सोमवार को पूर्णिया के फर्नीचर कारोबारी द्वारा एक करोड़ की रंगदारी मांगे जाने का आरोप लगाते हुए सांसद पप्पू यादव और अमित यादव नामक युवक के खिलाफ पूर्णिया मुफस्सिल थाने में एफआर दर्ज कराया है।