सचिवालय में विरोध प्रदर्शन करते कर्मचारी।
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कर्मचारियों का कहना है कि अधिकारियों की कठोरता और दबाव के कारण उनका मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य प्रभावित हुआ था। उनकी अचानक मृत्यु ने कर्मचारियों के बीच गहरी चिंता और आक्रोश की लहर दौड़ा दी है। घटना के बाद सचिवालय में इस मुद्दे को लेकर कर्मचारियों में गुस्सा बढ़ गया है और उन्होंने विभागीय अधिकारियों से सख्त कार्रवाई की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि अधिकारियों की प्रताड़ना पर रोक नहीं लगाई जाती, तो भविष्य में ऐसी घटनाएं और बढ़ सकती हैं।
अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की
वहीं सरकारी कर्मचारियों का कहना है कि राज कमल रजक की मौत ने यह सवाल उठाया है कि क्या प्रशासनिक दबाव और अधिकारियों की सख्ती के चलते कर्मचारियों की मानसिक और शारीरिक स्थिति पर गहरा असर पड़ सकता है। अब इस मामले की जांच की जा रही है और संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। इधर, हंगामा बढ़ने की सूचना मिलने के बाद सचिवालय थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और कर्मचारियों से शांति बनाए रखने की अपील की। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, जबकि कर्मचारियों ने अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। वहीं विभाग के अधिकारी इस मामले में कुछ भी कहने से परहेज कर रहे हैं। पुलिस ने जांच का आदेश दिया है।