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आखिर शादी क्यों? : नाबालिग लड़के की लिखी किताब अचानक चर्चा में; बिहार के युवा लेखक की किताब ऑनलाइन बिक रही

Mon, 17 Feb 2025 10:15 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, सारण

सार

Aakhir Shadi Kyon? : एक छात्र की उम्र 14 साल है यानी वह खुद नाबालिग है, लेकिन इसी नादान उम्र में उसने अनुभव वाली एक किताब लिख दी। आलम यह है कि अमेजन और फ्लिपकार्ड सहित अन्य ऑनलाइन शापिंग पर वह पुस्तक ट्रेंड कर रही है। पुस्तक का नाम है-  'आखिर शादी क्यों?'
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आखिर शादी क्यों ? के नाबालिग लेखक - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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विस्तार
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प्रत्येक बच्चे में प्रतिभा होती है, लेकिन उस प्रतिभा को पर्याप्त अवसर मिलने की जरूरत है। सभी को अपने भीतर की रुचि को पहचानना और उस रूचि के अनुसार कार्य को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है। आजकल के युवा अगर ऐसा करते हैं तो निश्चित ही अपने मुकाम को प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि जिस उम्र में बच्चे किताबों से अपने जुड़ाव को जोड़ नही पाते हैं, उस उम्र में बिहार के छपरा निवासी एक छात्र ने 'आखिर शादी क्यों' नाम की किताब लिख डाली है। पता नहीं इस पुस्तक में खास क्या है, जो अमेजन और फ्लिपकार्ड सहित अन्य ऑनलाइन शापिंग पर ट्रेंड कर रहा है।

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सारण जिला मुख्यालय से लगभग 30 किलो मीटर दूर अनुमंडलीय मुख्यालय स्थित राजकीय पोलिटेक्निक मढ़ौरा में अध्ययनरत सिविल ट्रेड के छात्र 17 वर्षीय बादल भारती जिसकी उम्र मात्र 14 साल की है। बादल भारती के मन में किताब लिखने की इच्छा हुई थी। बहुत सोच विचार करने के बाद नवंबर 2023 में उसने किताब लिखना शुरु किया और 7 अक्टूबर 2024 को किताब का प्रकाशन हो गया। बीएफसी पब्लिकेशन लखनऊ से पुस्तक प्रकाशन के साथ पुस्तक आनलाइन शापिंग साइट्स पर ट्रेडिंग होने लगी है। आखिरकार पहली पुस्तक के प्रकाशन और सफलता से बादल काफी उत्साहित और प्रफुल्लित भी है। हालांकि बादल अब अपनी  पर्यावरण संरक्षण पर आधारित दुसरी पुस्तक को पूरा करने में जूटा हुआ है। जिसको दो वर्ष के अंदर उक्त पुस्तक को पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। 

चार बहन और दो भाइयों में सबसे छोटा बादल भारती लखीसराय जिले के कीऊल का रहने वाला है। परिवार पुरी तरह से कृषक परिवार से है। पिता कैलास राम कीऊल जक्शन पर लोकोशेड में मजदूरी का काम करते है, जबकि मां श्रीवति देवी गृहणी है, वहीं बड़ा भाई गांव में रहकर खेती करता है। इस मुश्किल हालात में भी बादल परिवार के सदस्यों के समर्थन की बात स्वीकार करता है। हालांकि बादल ने अपनी भीतर की रुचि को बढ़ावा देने के लिए अपनी बहन वर्षा भारती और शिक्षकों से मार्गदर्शन मिलने के बाद ही अपनी मंजिल की ओर आगे बढ़ रहा है।
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नेशनल पेन मेस्ट्रो अवार्ड -2024 से सम्मानित होने वाला सबसे कम उम्र के बादल भारती एक ऐसे युवा लेखक है, जिसने अपनी लेखन में रुचि और इससे जुड़ाव होने के कारण साहित्य से जुड़ी हुई दर्जनों प्रतियोगिताओं में शामिल होकर अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज करा चुका है। इसी कड़ी में उसने #सुसाइड करना कोई तरिका नही, पर एक कविता भी लिखी थी, जिसे काफी सराहा गया था। हालांकि इसके पहले डिपार्टमेंट ऑफ साइंस टेक्नोलॉजी एंड टेक्निकल एजुकेशन ऑफ बिहार की तरफ से आयोजित कहानी प्रतियोगिता में बादल भारती ने टॉप किया था। इस प्रतियोगिता में उसे गोल्ड मेडल प्राप्त हुआ था। बादल की प्रतिभा को देखकर उसे बिहार छात्र संसद का युथ कोऑर्डिनेटर बनाया गया है। बादल पढ़ाई में भी बेहतर है, पोलिटेक्निक कॉलेज के अपने ट्रेड सिविल में 80 प्रतिशत अंकों के साथ थर्ड सेमेस्टर में प्राप्त किया है।

बादल भारती ने बताया कि लॉकडाउन के समय वह आठवी वर्ग में था। उस समय अन्य बच्चों की तरह खेल कूद के रूचि बहुत कम थी, हालांकि किताबों से कुछ ज्यादा ही जुड़ाव था। शायद यही कारण था कि मेरे मन में किताब लिखने का विचार आया। तब मैं छोटी छोटी निबंध और कविताएं लिखने लगा था। बाद के दिनों में इंटरनेट पर सर्च करने पर हमको लगा की शादी के विषय पर किताबे कम लिखी गई है। कुछ इसी तरह के विचार आते ही #आखिर शादी क्यो ??? परिकल्पना की और लिखना शुरु कर दिया। जब पूरी किताब लिख दिया तो पब्लिकेशन की ओर से समस्या सामने आने लगी। क्योंकि उम्र कम होने के कारण पब्लिकेशर तरजीह भी नही दे रहा था। इसी दौरान बीएफसी पब्लिकेशन लखनऊ से संपर्क स्थापित किया गया। तब जाकर मेरा कंटेंट किताब के रूप में पब्लिश हुई है।

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