मुख्य पार्षदों ने दिया इस्तीफा।
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बिहार के दर्जनों उपमुख्य पार्षद ने सामूहिक तौर पर इस्तीफा दे दिया है। राज्य के अलग-अलग नगर निकायों से यह सभी प्रतिनिधि पटना पहुंचे। यहां पर नगर विकास मंत्री नितिन नवीन से मुलाकात कर उन्हें अपना इस्तीफा सौंप दिया। इतना ही नहीं उपमुख्य पार्षदों ने जमकर हंगामा किया। साथ ही कई गंभीर आरोप भी लगाए। इतने अधिक संख्या में उपमुख्य पार्षदों के इस्तीफ के बाद बिहार सरकार के मंत्री नितिन नवीन भी परेशान दिखे।
उपाध्यक्ष को कुछ भी अधिकार नहीं दिया गया है
इनका आरोप है कि 2022 में राज्य निर्वाचन आयोग ने नए नियम के तहत राज्य के सभी 252 निकायों में मेयर, उपमेयर और नगर अध्यक्ष, नगर उपाध्यक्ष का चुनाव करवाया जिसमें सीधे जनता ने वोट दिया था। नगर उपाध्यक्ष तो बन गए लेकिन उपाध्यक्ष को अधिकार कुछ भी नहीं दिया गया है। इसको लेकर नगर निकाय में उपाध्यक्ष पद पर तैनात लोग लगातार आंदोलन कर रहे थे और अब उग्र रूप अपनाते हुए आज नगर विकास मंत्री नितिन नवीन के आवास पर सैकड़ों की संख्या में नगर उपाध्यक्ष पहुंच गए और अपना इस्तीफा पत्र दिए।
मंत्री नितिन नवीन ने एक सप्ताह का वक्त मांगा
बिहार राज्य उप मुख्य पार्षद संघ के प्रदेश अध्यक्ष पिंटू कुमार ने बताया कि पूरे बिहार के उप मुख्य पार्षदों ने इस्तीफा दिया है। गोपालगंज, बेतिया, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, भागलपुर समेत सभी शहरों से आज मुख्य पार्षद यहां जमा हुए हैं। कहा कि नगर निकाय चुनाव में जनता द्वारा चुने गए उप महापौर, उप मुख्य पार्षदों को बिहार नगरपालिका अधिनियम में कोई अधिकार ही नहीं दिया गया है। उचित अधिकार और सम्मान के लिए जरूरी है कि सभी फाइल पर उनके हस्ताक्षर को भी अनिवार्य कर दिया जाए। अब तक सभी अधिक केवल मुख्य पार्षद को देने से हर जगह उप मुख्य पार्षद और उप महापौर के साथ अन्याय हो रहा है। इस कारण क्षेत्र में काम की रफ्तार भी काफी कम है। मंत्री नितिन नवीन ने एक सप्ताह का वक्त मांगा है।