कच्ची दरगाह-बिदुपुर सिक्स लेन केबल-स्टे पुल।
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उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच संपर्क को नई गति देने वाला कच्ची दरगाह-बिदुपुर सिक्स लेन केबल-स्टे पुल लगभग तैयार हो चुका है। अगले महीने यानी जुलाई के से चालू होने की तैयारी में है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की इस प्रोजेक्ट के लिए करीब 4,988 करोड़ रुपये की लागत आई है। इस पुल के शुरू होने के बाद पटना के कच्ची दरगाह और वैशाली के बिदुपुर के बीच सीधा सड़क संपर्क स्थापित हो जाएगा। इससे महात्मा गांधी सेतु पर वाहनों का दबाव भी काफी हद तक कम होने की उम्मीद है। यह पुल कुल 19.76 किलोमीटर लंबा है, जिसमें 9.76 किलोमीटर मुख्य पुल और करीब 10 किलोमीटर एप्रोच रोड शामिल है। लगभग नौ वर्षों में तैयार हुए इस प्रोजेक्ट को बिहार के सबसे बड़े आधारभूत ढांचा परियोजनाओं में शामिल किया जा रहा है।
पथ निर्माण विभाग की ओर से बताया कि यह एक आधुनिक केबल-स्टे पुल है। इसमें पुल के मुख्य हिस्से को केवल नीचे के पिलरों पर नहीं, बल्कि ऊपर लगे मजबूत स्टील के केबलों के सहारे संतुलित किया गया है। इस तकनीक से पुल की मजबूती और टिकाऊपन बढ़ता है तथा लंबे स्पैन का निर्माण संभव हो पाता है। पुल शुरू होने के बाद उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच आवागमन अधिक सुगम होगा। दक्षिण बिहार की ओर इसका संपर्क आरा, बक्सर, गया, नवादा और झारखंड की दिशा से रहेगा, जबकि उत्तर बिहार की ओर वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा और आसपास के जिलों तक पहुंच आसान होगी। इस पुल से पटना और वैशाली के बीच की यात्रा काफी कम समय में पूरी हो पाएगी।
तीन चरणों में इस पूरा काम हुआ पूरा
बता दें कि कच्ची दरगाह-बिदुपुर सिक्स लेन पुल परियोजना के पहले चरण का उद्घाटन पहले ही पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से किया जा चुका है। पहले चरण में कच्ची दरगाह (पटना) से राघोपुर दियारा होते हुए वैशाली तक करीब 4.57 किलोमीटर लंबे हिस्से को यातायात के लिए खोला गया है। यह मार्ग पटना-बख्तियारपुर फोरलेन (एनएच-30) से जुड़ता है, जिससे पटना से इस क्षेत्र की सड़क कनेक्टिविटी बेहतर हुई है। दूसरे चरण में वैशाली जिले के हाजीपुर-महनार पथ से चकसिकंदर तक निर्माण किया गया। अब तीसरे चरण में राघोपुर दियारा से हाजीपुर-महनार पथ तक निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है।
राघोपुर दियारा के लोगों को नाव से मिलेगी मुक्ति
राघोपुर और बख्तियारपुर के काला दियारा क्षेत्र की लाखों आबादी इसी पुल के सहारे पटना पहुंच रही है। इससे पहले बारिश के समय राघोपुर दियारा के लोगों को नाव से पटना आना पड़ता था। पटना या जिला मुख्यालय हाजीपुर जाने के लिए लोगों के पास केवल नाव ही एकमात्र सहारा था। बरसात के दिनों में नाव यात्रा के दौरान कई दुर्घटनाएं भी होती थीं। अब सिक्स लेन पुल शुरू होने के बाद लोगों को नाव की निर्भरता से छुटकारा मिलेगा और जिला मुख्यालय से संपर्क मजबूत होगा। इस पुल से पटना रिंग रोड और आमस-दरभंगा कंट्रोल्ड एक्सेस हाईवे भी गुजरेगा। इससे यह परियोजना केवल स्थानीय आवागमन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि क्षेत्रीय और राज्यस्तरीय परिवहन व्यवस्था को भी मजबूती देगी।