2 दिन पहले अपने विधायक और सांसदों को पटना में रुकने का निर्देश देने वाले जीतन राम मांझी ने इस बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को धन्यवाद दिया है। और, उनके अच्छी काम की तारीफ की है।
हाल में महीनों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सबसे बड़े विरोधी के रूप में उभरे पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के सुर अचानक बदल गए हैं। 2 दिन पहले अपने विधायक और सांसदों को पटना में रुकने का निर्देश देने वाले जीतन राम मांझी ने इस बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को धन्यवाद दिया है। और, उनके अच्छी काम की तारीफ की है। इतना ही नहीं जीतन राम मांझी ने सीएम नीतीश के चाहते सीनियर आईएएस अधिकारी व शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक की भी खूब तारीफ की है। सीएम नीतीश का साथ छोड़कर कुछ वहां पहले एनडीए में गए हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के संरक्षक जीतन राम मांझी के इस बयान ने सियासी गलियारे में हलचल तेज कर दी है।
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मांझी बोले- लालू का कुनबा यह नहीं चाहता था
पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने सोशल मीडिया पर कि के.के.पाठक जी वापसी बिहार के गरीबों, वंचितों खास कर दलितों के शिक्षा के लिए शुभ संकेत है। वैसे लालू यादव जी का कुनबा नहीं चाहता था कि यह तबक़ा पढ़े। इस बदलाव के लिए धन्यवाद नीतीश जी। अच्छे काम की तारीफ होनी चाहिए। पाठक जी जैसे पदाधिकारी यदि मुख्य सचिव बन जाएं तो राज्य का भला हो जाएगा।
25 जनवरी तक पटना में ही रहने का निर्देश दिया था
पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए लिखा है कि दिल्ली में रहने के बावजूद बिहार के वर्तमान राजनैतिक हालात पर मेरी नजर है। राज्य के राजनैतिक हालात को ध्यान में रखते हुए मैंने अपने सभी माननीय विधायकों को आगामी 25 जनवरी तक पटना में ही रहने का निर्देश दिया है। जो भी हो राज्यहित में होगा। इधर, दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान जीतन राम मांझी ने लालू और नीतीश की मुलाकात के बाद कहा था कि यह सामान्य मुलाकात नहीं है। सीएम नीतीश कुमार कुछ बड़ा करने जा रहे हैं।