जनता दल यूनाइटेड दल के मंत्री अशोक चौधरी ने एक जाति विशेष बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर जदयू के कार्यकर्ता एवं नेता लोग लोकसभा चुनाव में सही ढंग से अपनी भूमिका निभाते तो निश्चित रूप से जदयू प्रत्याशी की जीत होती। भूमिहार समाज को जब टिकट दिया जाता है तो समाज एकजुट होकर वोटिंग करते हैं लेकिन यही जब टिकट दूसरे कास्ट अति पिछड़ा को दिया जाता है तो वोट देने में यह समाज आना कानी करता है। यह चलने वाला नहीं है।
जदयू प्रत्याशी के हार का ठीकड़ा भूमिहारों पर फोड़ा
अशोक चौधरी जदयू के कार्यकर्ताओं की बैठक में शामिल होने जहानाबाद आये थे। वहां उन्होंने जहानाबाद संसदीय क्षेत्र से जदयू प्रत्याशी चंदेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी के हार का ठीकरा भूमिहारों पर फोड़ा। अशोक चौधरी ने कास्ट पॉलिटिक्स कर भूमिहारों को खूब सुनाया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाते हुए कहा कि अशोक चौधरी ने भूमिहारों के खिलाफ अति पिछड़ों को उकसाने की कोशिश की। अशोक चौधरी के जातिगत बयान के बाद जहानाबाद की राजनीति में गर्म हो गई है।
राजनीति करनी है तो उसूल के साथ कीज
जदयू के कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए अशोक चौधरी ने कहा कि कुछ लोग जात-पात की राजनीति करते हैं। क्या नीतीश कुमार ने ऐसा किया कि जहां भूमिहार का गांव होगा वहां सड़क नहीं बनेगी? लेकिन जब आप अतिपिछड़ा को उम्मीदवार बनाते हैं तो भूमिहार लोग भाग जाते हैं, वोट नहीं देंगे। चुनाव के समय ही दिल्ली-मुम्बई घूमने के नाम पर चले जाते हैं। आपकी जाति (भूमिहार) का उम्मीदवार अगर खड़ा है तो आप कहेंगे बढ़िया है। अगर मेरा उम्मीदवार तीन दिन-चार दिन आपके दरवाजे नहीं गया तो आप कहेंगे की खराब है। अशोक चौधरी ने कहा कि राजनीति करनी है तो उसूल के साथ कीजिए। राजनीति करना है तो वजूद के साथ कीजिए, मुद्दों पर कीजिए। जब हमारे नेता ने निर्णय कर लिया तो हमें उस आदमी के साथ स्टैंड करना है, चाहे वह कैसा भी हो।