जदयू प्रत्याशी देवेश चंद्र ठाकुर।
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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी के टिकट पर सीतामढ़ी से देवेश चंद्र ठाकुर जीत तो गए लेकिन वह पूरी तरह खुश नहीं है। कम वोट मिलने के कारण उनमें नाराजगी है। एक कार्यक्रम में जब वह लोगों को संबोधित कर रहे थे तो उनका दर्द छलक गया। उन्होंने स्पष्ट कह दिया कि वह अब यादव और मुसलमानों के लिए कोई काम नहीं करेंगे। यादव और मुसलमान समाज के लोग कोई काम करवाने आते हैं तो जरूर आएं लेकिन चाय नाश्ता कर वापस चले जाएं। देवेश चंद्र ठाकुर का यह बयान पर वायरल हो रहा है।
मैं आपके लिए काम करते हुए लालू और लालटेन का चेहरा क्यों न देखूं?
सीएम नीतीश कुमार के करीबी सांसद यहीं नहीं रुके। उन्होंने आगे कहा कि जब यादव और मुसलमान वोट डालते समय तीर के निशान में पीएम नरेंद्र मोदी का चेहरा देखते हैं तो मैं आपके लिए काम करते हुए लालू और लालटेन का चेहरा क्यों न देखूं। आपलोग मेरे यहां जरूर आइए। चाय पीजिए, मिठाई भी खाइए लेकिन काम की बात मत कीजिए। यह बात मैं पहली बार कह रहा हूं और अब मैं यही करुंगा।
एनडीए सरकार के नेतृत्व में बिहार का काफी विकास हुआ
सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने आगे कहा कि 70 साल के जीवन में मैंने पहली बार ऐसा किया है। आगे भी करता रहूंगा। एनडीए सरकार के नेतृत्व में बिहार का काफी विकास हुआ। हर क्षेत्र में विकास दिख रहा है। इसके बावजूद लोगों को वोटिंग करते वक्त लालू और लालटेन दिखता है। विकास से उन्हें कोई लेनादेना नहीं है। जदयू सांसद के इस बयान के बाद अब बिहार में सियासी घमासान बढ़ गया है।
जदयू सांसद ने राजद के डॉ. अर्जुन राय को हराया
बता दें कि जदयू सांसद आभार यात्रा पर निकले हैं। रविवार को जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बातें कहीं। इस बाद जदयू के टिकट पर उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल के डॉ. अर्जुन राय को 51,356 वोटों से हराया है। कुछ दिन पहले ही उन्होने बिहार विधान परिषद् के सभापति पद से इस्तीफा दिया है।