बाल की खेप इस तरह की गई बरामद।
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
भारत सरकार के डायरेक्टरेट ऑफ रेवन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने तिरुपति बालाजी समेत दक्षिण भारत के कई मंदिरों से चोरी कर बिहार के रास्ते नेपाल ले जाए जा रहे मानव-बाल की एक बड़ी खेप पकड़ी है। यह बाल नेपाल के रास्ते चीन तक पहुंचाए जाने थे। पश्चिम बंगाल के दो तस्करों के साथ बिहार का भी एक शख्स तस्करी के आरोप में डीआरआई के हत्थे चढ़ा है। डीआरआई की टीम इससे पूछताछ कर रही है।
तिरुपति बालाजी मंदिर में होने वाले मुंडन का बाल ज्यादा
डीआरआई की यह कार्रवाई बिहार-नेपाल बॉर्डर के पास में मधुबनी में सामने आयी है। पकड़े गए तस्करों में दो पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के रहने वाले हैं, जबकि एक बिहार के मधुबनी जिले के रहने वाला है। इंटेलिजेंस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की है। पश्चिम बंगाल नंबर का एक ट्रक मधुबनी से गुजर रहा था, जहां बालों की खेप ले जाए जाने की सूचना थी। पूछताछ में तस्करों ने बताया कि बरामद किया गया हुआ दक्षिण भारत के कई तीर्थ स्थलों से चुराकर जुटाया गया था। तिरुपति बालाजी मंदिर में होने वाले मुंडन से सबसे ज्यादा बाल जुटाए गए थे। बाल की कीमत करीब 80 लाख रुपए आंकी गई है। चूंकि बाल नेपाल के रास्ते चीन जाने वाला था, इसलिए संलिप्त गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने के लिए जानकारी जुटाई जा रही है।
प्रतिबंधित है बाल की सप्लाई, बिहार बन गया है तस्करी का रास्ता
डायरेक्टरेट ऑफ रेवन्यू इंटेलिजेंस के अधिकारी ने बताया कि भारत में बाल की सप्लाई करना प्रतिबंधित है। कुछ गिरोह तस्करी करते हुए इसे नेपाल के रास्ते चीन पहुंचाते हैं। बताया जाता है कि इससे विग और अन्य सामग्री का निर्माण कराया जाता है। चीन में इन चीजों की बहुत ज्यादा मांग है और दुनियाभर के देशों में इसकी सप्लाई की जाती है। पूर्व में इस मामले में ईडी की कार्रवाई और बॉर्डर सील होने के कारण गिरोह के लोग पश्चिम बंगाल की जगह बिहार के रास्ते का उपयोग करने लगे हैं।