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Bihar News: बिहार की रोल मॉडल सास, जिसने बहू की इच्छा जान स्कूल में करा दिया दाखिला; जानें पूरा मामला

Tue, 20 May 2025 11:34 AM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुपौल

सार

Bihar News: सुपौल के कटहरा वार्ड 13 निवासी कविता देवी के पुत्र की शादी 14 मई को सोहटा निवासी अरविंद सरदार की पुत्री नीतू कुमारी से हुई थी। बहू ने पढ़ने की इच्छा जताई तो सास ने 19 मई को उसका हाई स्कूल में दाखिला करा दिया, जिसकी खूब तारीफ हो रही है।
 
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सास ने बहू का स्कूल एडमिशन करवाया। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सुपौल में सास-बहु का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। बीते 24 घंटों में यह वीडियो कई बार लाइक और शेयर हो चुका है। लेकिन इसकी वजह सास-बहू का कोई झगड़ा नहीं, बल्कि मां-बेटी जैसा प्यार और शिक्षा के प्रति सुदूर इलाके में भी जागरूकता है। 'शिक्षा का अधिकार सभी का है, चाहे बेटी हो या बहु' को चरितार्थ करता यह मामला सुपौल जिले के छातापुर प्रखंड अंतर्गत उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, कटहरा खतबे टोला का है। जहां सोमवार को एक सास अपनी नवविवाहिता बहू का दाखिला कराने पहुंच गई। यह दृश्य समाज में शिक्षा को लेकर बढ़ती जागरूकता और सकारात्मक बदलाव का परिचायक था, लिहाजा स्कूल में मौजूद एक शिक्षिका ने इसका वीडियो बना लिया। सोशल मीडिया पर पोस्ट के साथ ही वीडियो तेजी से वायरल हो गया और लोग सास के इस पहल की खूब तारीफ कर रहे हैं।

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14 मई को हुई शादी, 19 को सास ने की बहू की इच्छा पूरी
छातापुर प्रखंड क्षेत्र के कटहरा वार्ड 13 निवासी कविता देवी के बेटे की शादी बीते 14 मई को सोहटा गांव निवासी अरविंद सरदार की पुत्री नीतू कुमारी से हुई। शादी के पांच दिन बाद ही नीतू ने अपनी सास से पढ़ाई जारी रखने की इच्छा जताई। बहू की यह इच्छा सुनते ही कविता देवी ने उसे पढ़ाने का संकल्प लिया और उसे लेकर गांव के स्कूल पहुंच गईं। उन्होंने नीतू का नामांकन नवमी कक्षा में करवाया। इस दौरान जब उनसे पूछा गया कि बहु को कब तक पढ़ाएंगी, वह बोली- जहां तक पढ़ेगी, वहां तक पढ़ाऊंगी। 
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विद्यालय प्रधान ने भी सास की पहल को सराहा
इस प्रेरणादायक घटना पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक रमेश कुमार ने कहा कि जब महिलाएं खुद शिक्षा की ओर पहल कर रही हैं तो यह सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने सास की इस पहल की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा के प्रति बदलती सोच का संकेत बताया। इधर, पूरे मामले के दौरान विद्यालय के शिक्षक और छात्र भी इस दृश्य से प्रभावित हुए बिना नहीं रह सके। सभी ने माना कि यह पहल न केवल एक परिवार में बदलाव की शुरुआत है, बल्कि पूरे समाज को नई दिशा देने वाली है।

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