इलाजरत बच्चों की संख्या का डाटा
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
प्राथमिक से लेकर अपर लेवल तक विशेष इंतजाम
AES एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने एक बार फिर से अपने कमर को कस लिया है और इसके रोक थाम को लेकर पूरी ताकत झोंक दी है। स्वास्थ्य विभाग के द्वारा AES को लेकर जन जागरूकता के लिए पूर्व से डोर टू डोर विजित करने का काम किया जा रहा है। इसके साथ प्रचार-प्रसार में और भी तेजी लाई जा रही है। AES को लेकर पीएचसी से लेकर सदर अस्पताल और एसकेएमसीएच मेडिकल कॉलेज के PICU वार्ड में विशेष इंतजाम किए गए हैं, जहां पर हर संभव चिकित्सीय उपचार के साथ परामर्श और इलाज की व्यवस्था की गई है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी अलर्ट पर कर रहे हैं काम
AES को लेकर नोडल पदाधिकारी डॉ सतीश कुमार ने बताया कि गर्मी बढ़ने और उमस में वृद्धि के साथ चमकी बुखार के मामले में आगे भी इजाफा होने की संभावना है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। अब तक 24 केस आए हैं, जिसमें अच्छी बात यह रही कि किसी भी बच्चे की मौत नही हुई है। नोडल पदाधिकारी डॉ सतीश कुमार का कहना है कि हम और हमारी टीम 24 घंटे इस दिशा में काम कर रहे हैं। जिला और राज्य स्तर पर लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है, साथ ही फीडबैक भी लिया जा रहा है।