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Bihar News : चमकी बुखार के केस बढाकर हुए 24; अलर्ट पर स्वास्थ्य विभाग, आधे केस केवल मुजफ्फरपुर के

Sun, 09 Jun 2024 03:00 AM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर

सार

Bihar : स वर्ष कुल 24 केस में आधे मुजफ्फरपुर के उत्तर बिहार के कई जिले में बच्चों की घातक बीमारी AES की चपेट में हैं। बीते 5 दिन में 4 नए केस की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर रखा गया है।
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मुजफ्फरपुर के इसी अस्पताल में हो रहा बच्चों का इलाज - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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विस्तार
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गर्मी और उमस बढ़ने के साथ एक बार फिर से अब AES ने रफ्तार पकड़ लिया है। मोतिहारी जिला के एक ढाई साल के बच्चे में AES की पुष्टि हुई है जिसके बाद SKMCH में कुल आंकड़ा बढ़कर 24 हो गया है। हालांकि सभी बच्चे ठीक होकर लौट चुके हैं और अब तक AES से इस वर्ष किसी भी बच्चे की मौत नही हुई है। स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर रखा गया है।

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24 केस में आधे मुजफ्फरपुर के
इस वर्ष कुल 24 केस में आधे मुजफ्फरपुर के उत्तर बिहार के कई जिले में बच्चों की घातक बीमारी AES की चपेट में हैं। बीते 5 दिन में 4 नए केस की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर रखा गया है। अस्पतालकर्मी के अनुसार अब तक 24 केस सामने आए हैं, जिसमे लगभग 12 केस मुजफ्फरपुर के विभिन्न प्रखंडों के है, जबकि अन्य 12 केस मोतिहारी, शिवहर, वैशाली, सीतमढ़ी और गोपालगंज जिले से आए हैं। ताजा मामला मोतिहारी जिले का है जिसमे एक ढाई साल के बच्चे में AES की पुष्टि हुई है। इस संबंध में चिकित्सक का कहना है कि शाम को बच्चा ठीक होने के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है। इस मामले की पुष्टि नोडल अधिकारी डॉ सतीश कुमार ने दी है। मोतिहारी में अब 4 केस अकेले है।
 

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इलाजरत बच्चों की संख्या का डाटा - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
प्राथमिक से लेकर अपर लेवल तक विशेष इंतजाम
AES एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने एक बार फिर से अपने कमर को कस लिया है और इसके रोक थाम को लेकर पूरी ताकत झोंक दी है। स्वास्थ्य विभाग के द्वारा AES को लेकर जन जागरूकता के लिए पूर्व से डोर टू डोर विजित करने का काम किया जा रहा है। इसके साथ प्रचार-प्रसार में और भी तेजी लाई जा रही है। AES को लेकर पीएचसी से लेकर सदर अस्पताल और एसकेएमसीएच मेडिकल कॉलेज के PICU वार्ड में विशेष इंतजाम किए गए हैं, जहां पर हर संभव चिकित्सीय उपचार के साथ परामर्श और इलाज की व्यवस्था की गई है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी अलर्ट पर कर रहे हैं काम 
AES को लेकर नोडल पदाधिकारी डॉ सतीश कुमार ने बताया कि गर्मी बढ़ने और उमस में वृद्धि के साथ चमकी बुखार के मामले में आगे भी इजाफा होने की संभावना है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। अब तक 24 केस आए हैं, जिसमें अच्छी बात यह रही कि किसी भी बच्चे की मौत नही हुई है। नोडल पदाधिकारी डॉ सतीश कुमार का कहना है कि हम और हमारी टीम 24 घंटे इस दिशा में काम कर रहे हैं। जिला और राज्य स्तर पर लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है, साथ ही फीडबैक भी लिया जा रहा है।
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