Bihar : वक्फ बिल को लेकर जनता दल यूनाइटेड पार्टी में रार मची है। आज एक बार फिर जदयू के पूर्व विधायक ने पार्टी को अलविदा कह दिया। उन्होंने बताया कि वक्फ बिल को लेकर वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से नाराज हो गये हैं।
जनता दल यूनाइटेड को एक बार फिर एक बड़ा झटका लगा है। जनता दल यूनाइटेड के पूर्व विधायक मास्टर मुजाहिद आलम ने शनिवार को पार्टी को अलविदा कह दिया। इतना ही नहीं उनके साथ कई कार्यकर्ता भी पार्टी छोड़ दी है। इस बात की जानकारी पूर्व विधायक मास्टर मुजाहिद आलम ने शनिवार को प्रेस वार्ता कर इसकी जानकारी दी है। इस्तीफे के बाद और प्रेस वार्ता के पहले उन्होंने किशनगंज स्थित जदयू कार्यालय से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सभी पोस्टर और बैनर हटा दिए।
मुजाहिद आलम ने बताया कि वह विगत 15 वर्षों से जदयू से जुड़े थे। वह किशनगंज जिले में पार्टी के जिलाध्यक्ष थे। 2023 के लोकसभा चुनाव में वह पार्टी के प्रत्याशी भी रह चुके हैं। उन्होंने बताया कि इस्तीफे का मुख्य कारण वक्फ बिल पर नीतीश कुमार का बदला हुआ रुख है। मुजाहिद आलम ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वक्फ बिल पर केंद्र सरकार का समर्थन किया। यह मुसलमानों के धार्मिक अधिकारों में हस्तक्षेप है। उन्होंने कहा कि इस बिल के द्वारा केंद्र सरकार की वक्फ की जमीनों पर कब्जा करना चाहती है। यह केंद्र सरकार की साजिश है, जिसे हम हरगिज पूरा होने नहीं देंगे। हमारा विरोध मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बदले मिजाज के कारण है।
इन लोगों ने पार्टी से दिया त्यागपत्र
इस संबंध में मुजाहिद आलम ने बताया कि वक्फ संशोधन कानून के विरोध में मैने अपने कार्यकर्ताओं के साथ पार्टी को अलविदा कह दिया है। इस संबंध में उन्होंने प्रेस रिलीज जारी करते हुए उन कार्यकर्ताओं के नाम भी बताये हैं। पार्टी छोड़ने वालों में जिला उपाध्यक्ष ज़ैद अज़ीज़, जिला महासचिव अफाक आलम, शिक्षा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष सिकंदर हयात शैली, कला खेलकूद विभाग के प्रकोष्ठ अध्यक्ष अंजार आलम, प्रधान महासचिव मो. जिशान हिटलर, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष गुलाम जिलानी, जिला सचिव मिन्हाज आलम, कार्यकारिणी सदस्य गौतम चौधरी, निर्मल झा, मो. मुस्तकीम, सतीश कुमार सिंह, शादाब मोअज्जम, नाफिश आलम, मकसूद आलम, आरजू रेजा और फैज हसन सहित अन्य कई कार्यकर्ता व पदाधिकारी शामिल थे।