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Bihar News : सेल्फी के कारण सामूहिक मौत का पहला मामला; एक साथ पांच लड़कियां सोन नदी की धारा में समा गईं

Sat, 07 Oct 2023 10:03 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आरा / भोजपुर

सार

Selfi Death : मोबाइल से सेल्फी लेने के दौरान एक-एक कर मौत होती रहती है, लेकिन आज पहली बार सेल्फी के चक्कर में सामूहिक मौतें हुई हैं। यह एक सबक है। घटना यह भी बता रही कि लापरवाही क्या करा सकती है।
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घटनास्थल पर जुटे स्थानीय लोग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नदी में स्नान करने के बाद सेल्फी लेने के चक्कर में पांच युवतियां सोन नदी में डूब गईं। कई घंटों बाद भी किसी की बरामदगी नहीं हो सकी। अंधेरा हो जाने के कारण इनमें से किसी को भी अबतक ढूंढा नहीं जा सका है। घटना भोजपुर जिले के चांदी थाना क्षेत्र के चांदी बहियारा गांव की है। सोननदी में लापता युवतियों में दो सगी बहन समेत तीन एक ही परिवार की हैं। बाकी दो लड़कियां भी आपस में रिश्तेदार हैं। 

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नहाने के क्रम में सेल्फी ले रही थी युवतियां 
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि सभी युवतियां नहाने के बाद एक साथ सेल्फी ले रही थीं। तभी उनमें से एक का पैर फिसला और वह गिरने लगी। ग्रामीणों ने बताया कि बालू के अवैध खनन से बने गड्ढे में गिरते देख दूसरी लड़की उसे बचाने के लिए लपकी। इस तरह पांचों लड़कियां एक दूसरे को बचाने के चक्कर में गहरे पानी में गिर गयीं और नदी की तेज धार में बहने लगी। उन्हें नदी के तेज धार में बहते देख वहां मौजूद व्रती और महिलाएं चीख-पुकार मचाने लगी, लेकिन इससे पहले कि कोई कुछ कर पाता, पांचों लड़कियां नदी की तेज धार में बह गईं। लापता युवतियों की पहचान चांदी निवासी चितरंजन वर्मा की दो बेटी पूनम (16) और सुमन (15), उनके भाई देवेन्द्र वर्मा की बेटी अंजली (18), अनिता (21) और दशरथ यादव की बेटी निशा (16) के रूप में की गई है।

एक ही परिवार की तीन और एक परिवार की दो युवतियां थी 
नदी की तेज धारा में बहने वालों में एक ही परिवार की तीन और एक परिवार की दो युवतियां हैं, जिनमें से एक की शादी पिछले वर्ष हुई थी। घटना शाम पांच बजे की है। जिस घाट पर घटना हुई है वह आबादी से काफी दूर है इस वजह से जबतक लोग मदद के लिए पहुंचते, तब तक पांचों युवतियां नदी की तेज धार में बह गईं। परिजनों ने बताया कि सभी युवतियां जितिया पर्व पर व्रतियों के साथ सोन नदी में स्नान करने गयी थी। 
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देर शाम तक नहीं ढूंढा जा सका 
घटना के संबंध में चांदी थानाध्यक्ष सौरभ कुमार का कहना है कि स्थानीय गोताखोरों की मदद से डूबी हुई युवतियों को खोजा गया, लेकिन सफलता नहीं मिली। अंधेरा होने की वजह से खोजबीन रोक देनी पड़ी। थानाध्यक्ष ने बताया कि घटना की सूचना वरीय अधिकारियों को दी गई है। अगले दिन सुबह में स्थानीय गोताखोर और एसडीआरएफ की मदद से नदी में लापता हुई उन युवतियों को ढूंढ़ा जाएगा।

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