एक दिन के लिए एडीजी बना प्रभात।
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एडीजी ने किया स्वागत, पुलिस अधिकारियों ने दी सलामी
प्रभात कुमार भारती की इच्छा पर उसे एक दिन का एडीजी बनाया गया। मंगलवार को प्रभात ने एडीजी का चार्ज लिया। इस दौरान प्रभात के पिता रंजीत और मां संजू भी मौजूद थे। पूरी प्रक्रिया के बीच कार्यालय में पुलिस कर्मियों ने उसे सलामी दी। जिसके बाद एक दिन के एडीजी प्रभात ने कार्यालय और परेड का निरीक्षण किया। इससे पूर्व प्रभात का एडीजी पीयूष मोर्डिया ने गुलदस्ता से स्वागत किया। वही पुलिस टीम की मौजूदगी में ससम्मान अपनी कुर्सी पर बैठाया। कार्यालय के सभी पुलिसकर्मी प्रभात से मिले और सलामी दी। इसके बाद जिप्सी में बैठकर प्रभात को भ्रमण कराया गया।
प्रभात बोला, एसीपी प्रद्युमन जैसा महसूस हो रहा है
एक दिन के लिए एडीजी बनने के बाद प्रभात काफी उत्साहित है। हालांकि नियमित अंतराल पर डॉक्टरों की टीम उसकी निगरानी करेगी। एडीजी की कुर्सी पर बैठने के बाद प्रभात ने बताया कि उस वक्त वह हिंदी टेलीविजन धारावाहिक सीआईडी के एसीपी प्रद्युमन जैसा महसूस कर रहा है। वहीं कोचिंग में अध्यापन कर मासिक महज पांच से सात हजार रुपए कमाने वाले पिता रंजीत भी बेटे को एडीजी की कुर्सी पर बैठे देख कर गदगद हैं। रंजीत कहते हैं कि वह दारोगा कब बनेंगे, यह भविष्य के गर्भ में है। लेकिन बेटे को एडीजी की कुर्सी पर देख उसके ईलाज में अब तक हुई थकान दूर हो गई। बोलने को कुछ और शब्द नहीं हैं।