पटना हाईकोर्ट का यही स्पष्ट निर्देश शिक्षा विभाग को दिया गया था।
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सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर साधी चुप्पी तो हाईकोर्ट ने दिया था निर्देश
चौंकाने वाली बात यह भी थी कि खुद शिक्षा विभाग ने पिछले साल ही स्वीकार किया था कि "सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका पर 10 दिसंबर 2024 को पारित आदेश में दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से प्राथमिक शिक्षा में 18 महीने की इन-सर्विस ट्रेनिंग डिप्लोमा (D.El.Ed) धारण करने वाले अभ्यर्थियों की पात्रता को मान्य किया गया है।" इससे पहले, बीपीएससी TRE-1 ने अपने विज्ञापन में भी इसे मान्य रखा था और इसी आधार पर इन्हें चयनित सूची में रखा गया था। जब मामला लटकाया गया तो अभ्यर्थियों ने अपील-दर-अपील की। फिर सुप्रीम कोर्ट के 10 दिसंबर के फैसले के बाद इन्हें D.El.Ed प्रशिक्षण प्रमाणपत्र और सेवा में होने से संबंधित विद्यालय प्रधान के प्रमाणपत्र के साथ 10 फरवरी को बुलाया गया।
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ऐसे करीब 155 अभ्यर्थियों का जब दस्तावेज सत्यापन शुरू हुआ तो अचानक इनसे सेवा काल की सैलरी स्लिप की मांग कर दी गई। प्राइवेट स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के लिए सेवा में होने से संबंधित विद्यालय प्रधान के प्रमाणपत्र के बाद अब सैलरी स्लिप जुटाना कितना मुश्किल है, यह शिक्षा विभाग भी जानता है। आज भी राज्य में कुछेक बड़े प्राइवेट स्कूलों को छोड़ दें तो सैलरी स्लिप नहीं दी जाती है। ऐसे में पुरानी तारीखों का सैलरी स्लिप मिलना असंभव-सा था। तो, अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में अपनी बात पर लड़ाई जारी रखी। इसी लड़ाई का परिणाम रहा, जब 03 अप्रैल 2025 को हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया कि आदेश के 15 दिनों के अंदर इनका दस्तावेज जांचें और उसके 30 दिनों के अंदर इन्हें नियुक्ति पत्र दें। उन 15 दिनों में दस्तावेजों की जांच नहीं पूरी हुई और अब आदेश की प्रति ऑनलाइन अपलोड होने की तारीख 04 अप्रैल को बीते हुए भी 45 दिनों से ज्यादा हो गए हैं।
प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने ऑन कैमरा नहीं की बात।
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प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने कहा- जल्द समाधान कर लेंगे
'अमर उजाला' रिपोर्टर ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से पटना हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना को लेकर सीधा सवाल करना चाहा तो मोबाइल पर किसी ने जवाब नहीं दिया। बुधवार को रिपोर्टर ने शिक्षा विभाग पहुंचकर कई अधिकारियों से बात की, लेकिन सभी ने पल्ला झाड़ा। अपर मुख्य सचिव से भेंट नहीं हुई। अंत में करीब डेढ़ घंटे इंतजार के बाद प्राथमिक शिक्षा निदेशक साहिला मिलीं। भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी साहिला ने इस संबंध में ऑन कैमरा बात करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि जल्द ही इस मुद्दे का समाधान कर लिया जाएगा। जब समय पूछा गया तो उन्होंने एक-दो दिन की बात कही।