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Bihar: सरकारी अस्पताल में डिस्चार्ज करने के नाम पर स्वास्थ्य कर्मी ने मांगे आठ हजार रुपये, जानिए क्या है मामला

Sun, 13 Apr 2025 11:23 AM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया

सार

पीड़ित मरीज ने मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक को बताया कि ऑपरेशन के क्रम में दवा और अन्य सामान लाने में साढ़े तीन हजार खर्च हो गया। अब आठ हजार कहां से लाऊंगी। इंतजाम नहीं हो रहा है। इसलिए मुझे डिस्चार्ज कर दीजिए।
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मगध मेडिकल कॉलेज। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार के मगध प्रमंडल का एकलौता सबसे बड़ा अस्पताल अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल से एक शर्मनाक खबर सामने आई है। एक मरीज के परिजनों से अस्पताल से डिस्चार्ज के नाम पर आठ हजार रुपये की मांग की गई। यह आरोप अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मी पर लगा है। जब यह मामला अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ एनके पासवान के पास पहुंचा, तब खुलासा हुआ। अब यह मामला अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक डॉ केके सिन्हा पहुंचा है। लेकिन, अधीक्षक भी अपने कर्मियों के बचाने में जुट गए।

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साहब! नहीं दे सकते है आठ हजार रुपये 
"साहब मैं काफी गरीब हूं, मेरे पास पैसा नहीं है। वार्ड में आठ हजार रुपये मांगा जा रहा है। इतना पैसा देना मेरे लिए संभव नहीं है। घर से जो पैसा लाए थे, आपरेशन के दौरान दवा मंगवा ली। किसी तरह अस्पताल में डिस्चार्ज करवा दे। अपकी बड़ी मेहरबानी होगी।" उक्त बातें शनिवार को अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ एनके पासवान के पास मरीज गुड़िया कुमारी ने गुहार लगाई।

नाक का आपरेशन कराने पहुंची थी अस्पताल 
बताया जा रहा है कि बाराचट्टी थाना अंतर्गत जयगीर गांव की रहने वाली गुड़िया कुमारी ने बताया कि अपने पति पंकज कुमार के साथ नाक का ऑपरेशन कराने मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल आए थे। मंगलवार को नाक का ऑपरेशन हुआ था। अब वार्ड के स्वास्थ्य कर्मी द्वारा आठ हजार रुपये की मांग किया जा रहा है।
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खुल कर नहीं बोल स्वास्थ्य कर्मी 
इस संबंध में मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ एनके पासवान ने संबंधित वार्ड के नर्सिंग इंचार्ज को बुलाया गया। पुछताछ के क्रम में कोई भी स्वास्थ्य कर्मी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं थे।  फिर मामला अधीक्षक के पास पहुंच गया। इस संबंध में अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक डॉ केके सिन्हा से पत्रकारों ने बात की तो गोल मटोल बोलकर रह गए। उन्होंने कहा कि महिला मरीज को अस्पताल में किसी तरह का पैसा नहीं देना था। अस्पताल में किसी कारण से रोका गया था। मरीज को आगे कोई दिक्कत नहीं हो। नाक के ऑपरेशन के बाद खून आने की आशंका बनी रहती है। जल्द ही मरीज को डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।
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