Bihar News : बिहार लोक सेवा आयोग की शिक्षक भर्ती परीक्षा में धांधली प्रमाणित करते हुए फर्जी व्यक्ति ने परीक्षा पास की और मूल व्यक्ति ज्वाइन करने पहुंचा। शिक्षा विभाग की एक चिट्ठी से ऐसा एक मामला प्रमाणित होकर सामने आया है। जानें, क्या है वह केस।
बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा ली गई प्रथम चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा से चयनित एक अभ्यर्थी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उस पर फर्जीवाड़ा कर शिक्षक भर्ती परीक्षा पास करने का आरोप लगा है। बायोमीट्रिक जांच में उसकी पहचान नहीं हो पायी। संदिग्ध लगने पर गहन जांच की गई। जांच में पहचान नहीं होने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। मामला दरभंगा के अलीनगर प्रखंड का है। बीपीएससी टीआरई 1.0 से चयनित शिक्षकों की थंब इंप्रेशन री-वेरिफिकेशन का काम शुरू हुआ। इसी दौरान अलीनगर प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय अंदौली के शिक्षक फूलन कुमार के थंब इंप्रेशन के समय उनकी बायोमेट्रिक पहचान सही नहीं पाई गई। बार-बार प्रयास के बावजूद भी उनका सही मिलान नहीं हुआ। अब शिक्षा विभाग ने बीपीएससी से चयनित इस शिक्षक की पूरी जानकारी मुख्यालय को भेजी है।
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आरोपी फूलन कुमार को अलग कमरे में बंद कर दिया
दरभंगा के जिला शिक्षा पदाधिकारी के द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि फूलन कुमार शिक्षक का बायोमीट्रिक का मिलान थंब इंप्रेशन स्थल पर नहीं हो सका। न ही फोटो का मिलान हुआ था। पकड़े गए फर्जी शिक्षक ने पूछताछ के क्रम में स्वीकार किया कि बीपीएसीसी की ओर से आयोजित परीक्षा में उसके बदले मधुबनी जिले के फूलपरास का कोई दूसरा व्यक्ति बैठा था। इसके बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी समर बहादुर सिंह के कंट्रोल रूम के कर्मियों रमन कुमार ठाकुर, परवेज अहमद, आनंद कुमार आदि ने इस फर्जी शिक्षक फूलन कुमार को थंब इंप्रेशन कक्ष से निकालकर अलग कमरे में बंद कर दिया।
डीईओ ने लहेरियासराय थाने में प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया
कंट्रोल रूम की सक्रियता से अलीनगर के बीईओ व संबंधित एचएम को भी बुलाकर कंट्रोल रूम में रखा गया। डीईओ ने लहेरियासराय थाने में प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया। साथ ही कांड संख्या एवं तिथि के साथ प्रतिवेदन उपलब्ध कराने की बात भी कही। डीईओ स्तर से जारी पत्र में कहा गया है कि उक्त शिक्षक का बायोमीट्रिक मिलान थंब इंप्रेशन स्थल पर नहीं हो सका। न ही फोटो का मिलान हुआ। पूछताछ के क्रम में अभ्यर्थी ने स्वीकार किया कि परीक्षा में उसके बदले फूलपरास का कोई व्यक्ति बैठा था।