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Bihar News: जिला प्रशासन का चला डंडा, 17 फर्जी और अवैध निजी अस्पताल सील; मेडिकल कॉलेज के पास हो रहे थे संचालित

Sun, 23 Feb 2025 08:48 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर

सार

Bihar : शहर में फर्जी और अवैध छोटे बड़े अस्पतालों ने भोले-भाले लोगों को अपने चंगुल में फंसाकर न सिर्फ आर्थिक दोहन कर रहे हैं, बल्कि लोगों की जान  भी ले रहे हैं। अब जिला प्रशासन ने 17 फर्जी और अवैध अस्पतालों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें सील कर दिया है। 
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कार्रवाई करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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विस्तार
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मुजफ्फरपुर में जिला प्रशासन ने आज एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से चल रहे 17 फर्जी और अवैध निजी अस्पतालों को सील किया है। अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी अमित कुमार के नेतृत्व में गठित एक विशेष टीम ने अहियापुर थाना क्षेत्र के मेडिकल कॉलेज के आस पास में कुल आज 17 निजी अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

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जिला स्वास्थ्य विभाग के रिपोर्ट पर जिला प्रशासन ने की कार्रवाई 
अधिकारी का कहना है कि बिहार क्लिनिकल स्टेब्लिशमेंट एक्ट के निर्देश को पालन करवाये जाने की दिशा में यह कार्रवाई की गई है। उनका कहना है कि बीते कुछ माह से लगातार कई अवैध निजी नर्सिंग होम के खिलाफ मरीजों की गंभीर शिकायत मिल रही थी, जिसके बाद जिला स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले में जांच कर एक रिपोर्ट सौंपी है। इसके  बाद अब जिला प्रशासन की टीम के साथ औचक जांच की गई, जहां 17 निजी अस्पतालों में भारी कमी पाई गई। अस्पताल का संचालन बिना किसी गाइडलाइन के किया जा रहा था, जिसके बाद 17 अस्पतालों को पुलिस की मौजूदगी में सील कर दिया गया है। कार्रवाई के दौरान में इन निजी अस्पतालों के कई कर्मचारी मौके से फरार गए। जो कुछ अस्पताल के कर्मचारी मिले, उनके पास न तो कोई डिग्री था और न ही उन्हें कोई मेडिकल ट्रेनिंग मिली थी। उसके बाद भी नियम को टाक पोअर रखकर फर्जी अस्पतालों का संचालन किया जा रहा था।

एसडीओ ने लोगों से की अपील 
इस पूरे मामले में एसडीओ पूर्वी अमित कुमार ने बताया कि बिहार क्लिनिकल स्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। अवैध और फर्जी तरीके से चल रहे इन निजी अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कुल 17 अस्पतालों को सील किया गया है। ये सारे अस्पताल बिना लाइसेंस और नियम को ताक पर रख कर संचालित किया जा रहा था। उन्होंने बताया कि मरीज़ के स्वास्थ्य के साथ बड़ी लापरवाही बरतने की जानकारी मिल रही थी, जिसके आलोक में यह कार्रवाई की गई है और आगे भी हर 15 दिन में इसका रूटीन कार्रवाई की जाएगी। एसडीओ पूर्वी अमित कुमार ने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज में बेहतर सुविधा के साथ इलाज करवाएं अवैध नर्सिंग होम के चक्कर में न पड़े।

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जांच करती टीम - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
जानिये किस-किस फर्जी अस्पतालों पर हुई है कार्रवाई 
  • पीडीएम हॉस्पिटल एसकेएमसीएच माँ अंबिका भवानी 
  • मयंक नर्सिंग होम एसकेएमसीएच मां अंबिका भवानी
  • चांदनी मेडिकल हॉल एसकेएमसीएच हॉस्पिटल से पश्चिम सीतामढ़ी रोड
  • मंगलम हेल्थ केयर एसकेएमसीएच हॉस्पिटल के पश्चिम सीतामढ़ी रोड
  • अन्नु हेल्थ केयर एसडीएम श्री कृष्णा कॉलेज एंड अस्पताल के पश्चिम
  • न्यू मानव सेवा नर्सिंग होम श्री कृष्णा मेडिकल कॉलेज के सामने आरएस राय कंपलेक्स
  • न्यू शिवम नर्सिंग होम एसकेएमसीएच मेडिकल उत्तरी गेट के सामने उमा नगर
  • राधे नर्सिंग होम, बैंक ऑफ़ बड़ौदा के निकट
  • निशांत नर्सिंग होम बैंक ऑफ़ बड़ौदा के निकट
  • लालबाबू सिंह चाइल्ड केयर बैंक ऑफ़ बड़ौदा के निकट
  • उमा नर्सिंग होम बैंक ऑफ़ बड़ौदा के निकट
  • अर्चना नर्सिंग होम एसएसबी कैंप के बगल में उमा नगर
  • पी एन हॉस्पिटल मेडिकल कॉलेज रोड एसएसबी कैंप उमा नगर के पास
  • आर्यन जांच घर, सिंह मार्केट एसएसबी कैंप
  • स्टार इमरजेंसी हॉस्पिटल, एसएसबी कैंप के पास
  • सम्राट हॉस्पिटल एसकेएमसीएच देवी स्थान एसएसबी कैंप
  • न्यू अपना   हॉस्पिटल,  एसएसबी कैंप के पास, उमा मार्केट, उमा नगर
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