दो अपराधी पुलिस की गिरफ्त में, जबकि मुख्य आरोपी अबतक गिरफ्त से दूर
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मर्डर के पहले लिखा- तांडव होगा
आमतौर पर लोग सुसाइड से पहले लेटर लिखते हैं, लेकिन यह मर्डर के पहले लिखी गई चिट्ठी है। अब तक इस केस में प्रेमिका समेत तीन की मौत हो चुकी है। हत्यारा आशीष चौधरी अभी तक पुलिस के हाथ नहीं लगा है, लेकिन उसकी 15 पन्नों की चिट्ठी पुलिस ने मीडिया के सामने लाई है। यह एक कॉपी में लिखी गई चिट्ठी है, जिसमें 20 नवंबर 2023 की तारीख के साथ लिखा गया है कि जो कुछ भी हुआ है या होगा उसका जिम्मेदार सिर्फ मैं हूं और कोई नहीं। चिट्ठी के अंत में उसने लिखा है कि मन को स्थिर करने के लिए तीर्थ कर आया, लेकिन अब भी शांति नहीं मिली।
अब तांडव होगा।
कुछ नहीं बचा है...सबकुछ लिखा
इस चिट्ठी में 14 मार्च 2021 से अपनी मानसिक परेशानी का जिक्र करते हुए आशीष ने लिखा कि अब मेरे जीवन में कुछ नहीं बचा है। जर, जोरू, जमीन... कुछ नहीं मेरे पास। मेरे जीवन से मेरी बहुमूल्य मां चली गई, जो जड़ थी। जोरू यानी मेरी बीवी ने मेरी जिंदगी नरक बना दी। और जोरू के लिए डिप्रेशन में मैंने जमीन बेच दी। इस चिट्ठी में आशीष ने लिखा है कि उसने दुर्गा झा से कैसे प्रेम किया, कैसे पटना में उससे शादी की, कैसे उसे ज्वेलरी शोरूम में नौकरी दिलवाई। उसने यह भी लिखा है कि कैसे उसे पता चला की शादी से पहले भी दुर्गा झा का किसी और से रिश्ता था। आशीष के अनुसार उससे शादी के बाद दुर्गा का किसी तीसरे से रिश्ता उसके सामने आया तो वह टूट गया। आशीष के अनुसार दुर्गा के जिस परिवार ने बाद में उसकी शादी को स्वीकार कर लिया था, उसी परिवार के लोगों ने दूसरे लड़के के पक्ष में आकर मुझे वापस अकेला छोड़ दिया। आशीष के अनुसार जब दुर्गा ने 14 मार्च 2021 को पूरे मोहल्ले के सामने उसे गालियां दीं और यह कहा कि वह उसके साथ टाइम पास कर रही थी तो वह टूट गया।