नेपाली नगर में कई मकानों पर बुलडोजर चला दिए गए थे।
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कार्रवाई से पहले लोगों को नोटिस भी नहीं दी गई
कोर्ट में सुनवाई के दौरान पाया गया कि प्रशासन ने कार्रवाई से पहले न तो लोगों को नोटिस दिया और न ही उन्हें कोर्ट में अपील करने का वक्त दिया। जांच में यह भी पाया गया कि जिन घरों पर प्रशासन ने कार्रवाई की, वह अतिक्रमणकारी नहीं है। अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया को पटना हाईकोर्ट ने कैंसिल कर दिया।
हाईकोर्ट के फैसले से लोगों ने ली राहत की सांस
इधर, फैसला आने के बाद समाजसेवी विशाल सिंह ने बताया कि पटना हाईकोर्ट का धन्यवाद करता हूं। यह लोकतंत्र की जीत है। नेपाली नगर के सैकड़ों पीड़ित को न्याय मिला है। प्रशासन द्वारा अवैध तरीके से लोगों के घरों तो तोड़ दिया गया था। करीब 60 घरों को तोड़ा गया। प्रशासन से अपील है लोगों की क्षति का आकलन कर उन्हें मुआवजा उपलब्ध करवाए।