नीलेश मुखिया को गोली मारने का लाइव फुटेज।
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इस अदावत की चर्चा आज फिर से
नीलेश के बड़े भाई सुरेश ने पुलिस को बयान दिया है कि यह घटना चुनावी रंजिश और बालू खनन की वजह से हुई है। उन्होंने कहा कि नीलेश ने दीघा के मखदुमपुर घाट के बालू खनन का ठेका लिया था। यह उनका नया काम था। इस काम में बतौर प्रतिद्वंद्वी पप्पू राय, धप्पू राय और गोरखा राय- तीनों भाई पहले से लगे हैं। नीलेश मुखिया अपने पार्टनर शिव गोप के साथ बालू खनन में उतरे थे। ये तीनों भाई नहीं चाहते थे कि नीलेश मुखिया भी बालू खनन के धंधे में शामिल होकर उनसे टकराए। तीनों भाइयों से नीलेश की अदावत वैसे भी पुरानी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि 11 सितंबर 2017 को सोनपुर थाना क्षेत्र में कुर्जी गेट नंबर 68 निवासी वीरमणि को अपराधियों ने गोली से छलनी कर दिया था। सिंचाई विभाग के इंजीनियर वीरमणि नीलेश मुखिया के करीबी थी। इस घटना में उनके भाई मनोज के बयान पर पप्पू राय, धप्पू, विद्यासागर चौधरी, मुकेश कुमार, नीतीश कुमार और समीर कुमार को नामजद करते हुए मामला दर्ज कराया गया था।