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Bihar News : दिनदहाड़े शूटआउट में घायल हुए नीलेश मुखिया की मौत, दिल्ली एम्स में ली अंतिम सांस

Wed, 23 Aug 2023 01:08 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Nilesh Mukhiya : 31 जुलाई को पटना के कुर्जी इलाके में दिनदहाड़े 4 अपराधियों ने नीलेश मुखिया को 7 गोली मारी थी। पटना में डॉक्टरों की टीम ने ऑपरेशन के जरिए सभी गोलियां बाहर निकाल दी थी। हालत गंभीर होने के कारण उन्हें दिल्ली एम्स रेफर किया गया था। 
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गोली लगने से पहले अपने बच्चे के साथ नीलेश मुखिया ने यह तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट की थी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पटना में 31 जुलाई को दिनदहाड़े हुए चर्चित शूटआउट में घायल हुए नीलेश यादव उर्फ नीलेश मुखिया की मौत हो गई है। बुधवार सुबह दिल्ली एम्स में उन्होंने दम तोड़ दिया। गोलीबारी में नीलेश मुखिया को 6 गोलियां लगी थी। पटना के रुबन हॉस्पिटल में उनका ऑपरेशन किया गया था। डॉक्टर ने सभी गोलियां बाहर निकाल दी थी। हालत गंभीर होने के कारण उन्हें दिल्ली एम्स रेफर किया गया था। परिजनों ने एयर एंबुलेंस के एम्स में भर्ती करवाया था। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजन इस मामले में सामने शामिल लोगों को कड़ी सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं। 

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10 मिनट तक अपराधियों ने नीलेश मुखिया की रेकी की
बता दें कि बिहार में सबसे ज्यादा चर्चित नीलेश मुखिया गोलीकांड का लाइव फुटेज सामने आया है। इसे देखने पर स्पष्ट पता चल रहा था कि दो बाइक पर सवार 4 अपराधियों ने इस घटना को अंजाम दिया है। पुलिसिया जांच में पता चला कि चारों अपराधी कुर्जी इलाके के गली नंबर 66 से निकले थे। एक काले रंग की बाइक थी तो दूसरी लाल रंग की। दो बाइक पर सवार चारों अपराधियों ने हेलमेट पहन रखा था। करीब 10 मिनट तक अपराधियों ने नीलेश मुखिया की रेकी की। इसके बाद इसी दौरान कुर्जी मोड़ से कुछ दूर पहले टर्निंग पर जैसे ही नीलेश मुखिया की स्वीफ्ट कार धीरे हुई, अचानक काले रंग की बाइक से एक अपराधी उतरा और बैक टू बैक 6 गोली चलाई। CCTV फुटेज से प्रतीत हो रहा है कि नीलेश मुखिया कार में ड्राइविंग सीट के बगल में बैठे थे। कार का शीशा गिरा हुआ था। 

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नीलेश मुखिया को गोली मारने का लाइव फुटेज। - फोटो : अमर उजाला
इस अदावत की चर्चा आज फिर से 
नीलेश के बड़े भाई सुरेश ने पुलिस को बयान दिया है कि यह घटना चुनावी रंजिश और बालू खनन की वजह से हुई है। उन्होंने कहा कि नीलेश ने दीघा के मखदुमपुर घाट के बालू खनन का ठेका लिया था। यह उनका नया काम था। इस काम में बतौर प्रतिद्वंद्वी पप्पू राय, धप्पू राय और गोरखा राय- तीनों भाई पहले से लगे हैं। नीलेश मुखिया अपने पार्टनर शिव गोप के साथ बालू खनन में उतरे थे। ये तीनों भाई नहीं चाहते थे कि नीलेश मुखिया भी बालू खनन के धंधे में शामिल होकर उनसे टकराए। तीनों भाइयों से नीलेश की अदावत वैसे भी पुरानी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि 11 सितंबर 2017 को सोनपुर थाना क्षेत्र में कुर्जी गेट नंबर 68 निवासी वीरमणि को अपराधियों ने गोली से छलनी कर दिया था। सिंचाई विभाग के इंजीनियर वीरमणि नीलेश मुखिया के करीबी थी। इस घटना में उनके भाई मनोज के बयान पर पप्पू राय, धप्पू, विद्यासागर चौधरी, मुकेश कुमार, नीतीश कुमार और समीर कुमार को नामजद करते हुए मामला दर्ज कराया गया था।
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