दरभंगा महाराज का किला।
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इस आधार पर रद हुआ जमाबंदी
उन्होंने महाराज कामेश्वर सिंह बहादुर द्वारा लिखे गए वसीयतनामे में साफ साफ लिखा है कि महारानी कामसुन्दरी देवी इस भवन का उपयोग अपने जीवनकाल तक करेंगी। महारानी के मरने के बाद यह भवन और जमीन कुमार शुभेश्वर सिंह का हो जाएगा। इस बात के कागजात के सबूत को कुमार कपिलेश्वर सिंह ने दरभंगा पुलिस के सामने साक्ष्य के तौर प्रस्तुत करते हुए यह दावा किया है कि मैनेजर उदयनाथ झा ने इस जमीन को अपने नाम कर लिया है यह यह गलत है। आगे उन्होंने कहा है कि इस मामले को लेकर जब विवाद बढ़ा तो कपिलेश्वर सिंह के द्वारा दिए गये साक्ष्य के आधार पर जमाबंदी को रद कर दिया गया है। कुमार कपिलेश्वर सिंह ने कहा कि मैनेजर उदयनाथ झा ने राज परिवार की संपत्तियों को गैर कानूनी तरीके से बेचकर अकूत संपत्ति अर्जित किया है।
जांच में जुटी पुलिस
इस संबंध में कुमार कपिलेश्वर सिंह ने दर्ज प्राथमिकी की जांच खुद सिटी एसपी शुभम आर्य के निगरानी में डीएसपी सदर अमित कुमार कर रहे हैं। इस मामले में सिटी एसपी शुभम आर्य ने बताया कि महारानी कामसुन्दरी देवी और कुमार कपिलेश्वर सिंह से पूछताछ की गई है। दोनों से कागजात प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। कुछ कागजात उपलब्ध कराए भी गए हैं। आगे जरूरत पड़ने पर एक बार फिर से उनसे पूछताछ की जाएगी। वहीं इस मामले में अटॉर्नी उदयनाथ झा के गतिविधियों की जांच सहित उनके द्वारा जमीन की खरीद बिक्री से संबंधित स्थिति की भी पुलिस जांच कर रही है।