लखीसराय जिले में बेखौफ अपराधियों ने दिनदहाड़े एक पत्रकार पर ताबड़तोड़ फायरिंग करते हुए जान से मारने की कोशिश की। हलांकि इस गोलीबारी में वह बाल-बाल बच गए। इस संबंध में पुलिस का कहना है कि अपराधियों की तलाश की जा रही है।
घर से निकलते ही होने लगी फायरिंग
घटना के संबंध में पुलिस का कहना है कि अवध किशोर हिंदी दैनिक समाचार पत्र के रिपोर्टर हैं। अवध रोज की तरह गुरूवार को घर से जैसे ही निकले, तीन अपराधियों ने ताबड़तोड़ उनपर गोली बरसानी शुरू कर दी। गोली चलते ही वह किसी तरह वहां से भाग गये और अपनी जान बचाई। उन्होंने तुरंत इस घटना की सूचना एसपी और स्थानीय थाना को दी। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाने की पुलिस और एसपी पंकज कुमार उनके घर पर आये और उनका हाल समाचार पूछा।
पिता की हत्या के हैं मुख्य गवाह
घटना की सूचना मिलते ही लखीसराय एसपी पंकज कुमार पत्रकार अवध किशोर से मिलने उनके घर पर पहुंचे। एसपी पंकज कुमार ने बताया कि अवध किशोर के पिता परमेश्वर यादव को 5 जुलाई 2014 को अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। उस मामले में हत्या के मुख्य आरोपी रंजीत और उसका भाई विश्वकर को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने दोनों भाईयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। फिलहाल दोनों भाई बेल पर जेल से निकले हैं। अवध किशोर ने बताया कि इन्हीं दोनों भाईयों ने मुझे मारने की कोशिश की है क्यों कि अपने पिता की हत्या के मामले में मैं मुख्य गवाह हूं।
सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस
एसपी पंकज कुमार ने कहा कि अपराधियों की पहचान की जा रही है। घटनास्थल के आसपास और उन रास्तों में लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है। पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। अवध किशोर ने गुरूवार की घटना को लेकर अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर किया है।
पिछले महीने अररिया के पत्रकार की हुई थी हत्या
पिछले महीने 18 अगस्त को अररिया जिले के रानीगंज थाना अंतर्गत प्रेम नगर में हिंदी दैनिक समाचार पत्र के पत्रकार विमल कुमार यादव को अपराधियों ने गोली मार का हत्या कर दी थी। अपराधियों ने 2019 में विमल कुमार के भाई की हत्या कर दी थी। विमल कुमार उस हत्याकांड के मुख्य गवाह थे।