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Bihar: स्वास्थ्य मंत्री के आवास को कांग्रेसियों ने घेरा, गोबर फेंका, पोस्टर पर कालिख भी पोत दी; जानिए मामला

Wed, 04 Jun 2025 04:53 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Muzaffarpur case: कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य मंत्री के आवास के बाहर जमकर प्रदर्शन किया। कांग्रेसियों ने स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की और नीतीश सरकार के खिलाफ नारे लगाये। 
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पटना में प्रदर्शन करते कांग्रेसी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुजफ्फरपुर की दुष्कर्म पीड़िता बच्ची की मौत के मामले में विपक्ष का बवाल बढ़ता ही जा रहा है। कांग्रेस इस मामले को मुद्दा बनाकर नीतीश सरकार पर लगातार हमला बोल रही है। पटना में फिर से कांग्रेसियों ने आज प्रदर्शन किया। बुधवार को सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के आवास का घेराव करने पहुंचे। यहां पहुंचे कर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य मंत्री और एनडीए सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की। इतना ही नहीं स्वास्थ्य मंत्री के आवास के गेट पर लगे नेम प्लेट पर गोबर फेंका और उनकी तस्वीर पर कालिख पोत दी। इसके बाद कांग्रेसियों ने कहा कि सही समय पर इलाज न मिलने के कारण एक नाबालिक बच्ची की मौत हो गई। वह अस्पताल में ही तड़पती रही लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने लापरवाही बरती। इस कारण बच्ची की मौत हो गई। 

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सरकार की लापरवाही के कारण ऐसा हुआ
कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय पर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। साथ ही कहा कि एक मासूम की हत्या हुई है। इसके लिए उनका विभाग दोषी है। इसलिए फौरन वह अपना इस्तीफा दें। इधर, कांग्रेस के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस टीम पहुंची और कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पीछे हटाने में जुट गई। हालांकि कांग्रेस नेताओं ने पुलिसकर्मियों की एक न सुनी और हंगामा करते ही रहे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार की लापरवाही के कारण ऐसा हुआ है। 


बच्ची इलाज के लिए इधर-उधर भटकती रही

कांग्रेसियों का आरोप है कि छह दिन तक वह बच्ची इलाज के लिए इधर-उधर भटकती रही। कभी उसे एसकेएमसीएच से पीएमसीएच भेजा गया, तो कभी पीएमसीएच से एम्स, इस दौरान बच्ची को कई घंटे एंबुलेंस में रहना पड़ा। एंबुलेंस में ऑक्सीजन की कमी थी, और जिस एंबुलेंस में बच्ची थी, वह नॉन-एसी थी। अंततः उस बच्ची ने सूबे के बड़े अस्पताल में बेड तक न मिलने और सही समय पर इलाज न होने के कारण एंबुलेंस में ही दम तोड़ दिया। इन सब के लिए स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था दोषी है। 

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स्वास्थ्य मंत्री के पोस्टर पर कालिख पोत रहे कांग्रेसी। - फोटो : सोशल मीडिया।
दो-दो बड़े अस्पताल प्रबंधन की गलती मानी
मुजफ्फरपुर में दुष्कर्म पीड़िता बच्ची की मौत मामले में नीतीश सरकार ने दो-दो बड़े अस्पताल प्रबंधन की गलती मानी है। स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच के बाद पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल के प्रभारी उपाधीक्षक और श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज अस्पताल, मुजफ्फरपुर की अधीक्षक को हटा दिया गया है। दोनों पर अपने काम में लापरवाही बरतने का आरोप है। स्वास्थ्य विभाग की विशेष कार्य पदाधिकारी रेणु कुमारी की ओर से अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। 
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