शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ पी पी मिश्रा और डॉ वसंत खलटकर
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एनीमिया रोग से ग्रसित बच्चों का इलाज करना है मुहिम
डॉ वसंत खलटकर ने बताया कि इंडियन एकेडमी ऑफ़ पीडियाट्रिक एक बहुत बड़ा संगठन है, जिसमें लगभग 47 हजार सदस्य हैं। इस संगठन ने एक बीड़ा उठाया है- बाय-बाय एनीमिया। इसके तहत हमलोग गंभीर बिमारी अनीमिया से जूझ रहे बच्चों के इलाज के लिए एक बस तैयार किया है। उस बस में दो टेक्नीशियन, दो डॉक्टर,एक चालक और एक हेल्पर रहता है। हम लोग गांव-गांव बस लेकर जा रहे हैं। वहां पर सबसे पहले हम लोग उसका हेल्थ चेकअप करते हैं। बच्चों का हीमोग्लोबिन कम होने पर उनको दवाई दी जाती है। उनको कीटनाशक दवा देते हैं और फिर उनका 3 महीने बाद हेल्थ चेकअप किया है। अब तक हमलोगों ने लगभग 30हजार बच्चों का टेस्ट लिया है जिसमें 60% बच्चों का हीमोग्लोबिन कम है यानी वह एनीमिया से ग्रसित हैं। बस तेलंगाना से महाराष्ट्र, महाराष्ट्र से कर्नाटक, कर्नाटक से अभी आंध्र प्रदेश में गई है। इसके बाद बस केरल और फिर नॉर्थ टू साउथ, कन्याकुमारी और मुंबई से कोलकाता और फिर बिहार के छोटे-छोटे गांव तक हम पहुंचेंगे।
सम्मलेन में शामिल होने पहुंचे चिकित्सक
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जागरूकता भी है जरुरी
डॉ वसंत खलटकर ने बताया कि हम लोगों ने दो फिल्म बनाई। एक दिशा और दूसरा यूटर्न। दिशा में आजकल जो बच्चे ड्रग्स से ग्रसित हैं, उन्हें ड्रग्स से कैसे बचाया जाय इसको लेकर यह फिल्म बनी हैं। इस फिल्म का उद्देश्य लोगों को जागरूकता करना भी है। इसमें यह भी दिखलाया गया है कि बच्चों के माता-पिता को क्या करना चाहिए। आज बच्चे मोटापा से ग्रसित हैं, तो उनको मोटापे से कैसे बचाया जाय इसपर भी बात होगी। इस दो दिवसीय कार्यक्रम में हमारी जानकारियों का आदान-प्रदान है। हमलोग अपनी बात एक दुसरे से साझा करेंगे। यह जानकरी बिहार के डॉक्टरों को मिलेगा तो बिहार में बच्चों का बेहतर से बेहतर इलाज हो पायेगा। आजकल बच्चों में हाइपरटेंशन बीमारियां हैं। प्राइमरी हेल्थ लेवल के डॉक्टर जिनको नॉलेज नहीं रहता उनको हम ट्रेनिंग देने की कोशिश करेंगे ताकि बच्चों का बेहतर इलाज किया जा सके।