स्व. शारदा सिन्हा के ससुराल में शोक की लहर है।
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ससुराल में भी शोक की लहर
इधर, बेगूसराय जिला स्थित सीहमा गांव में बिहार कोकिला शारदा सिन्हा में भी शोक की लहर है। इस गांव में उनका ससुराल है। ससुराल वालों ने कहा कि उनकी बहू बिहार ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपने गीत के माध्यम से लोगों के बीच मौजूद रहेंगी। उनकी कमी गांव ही नहीं पूरे बिहार को खल रही है। लोग उन्हें छठी मैया की बेटी के रूप में भी संबोधित करते थे। लोगों ने बताया कि शारदा सिन्हा का अपने ससुराल से काफी लगाव था और वह प्रत्येक वर्ष अपने ससुराल सीहमा आती थीं। यहां के लोगों की काफी मदद भी करती थीं। आज उनकी कमी खल रही है तथा उनकी कमी कभी पूरी भी नहीं हो सकती। लेकिन अपने स्वर के माध्यम से वह लोगों के बीच सदैव जीवंत रहेगी।