जदयू सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने कहा था कि वह अब कुशवाहा, यादव और मुसलमानों के लिए कोई काम नहीं करेंगे। यादव और मुसलमान समाज के लोग कोई काम करवाने आते हैं तो जरूर आएं लेकिन चाय नाश्ता कर वापस चले जाएं।
मुस्लिम, यादव और कुशवाहा जाति के लोगों का काम नहीं करने वाला बयान देने वाले जदयू सांसद देवेश चंद्र ठाकुर की मुश्किलें बढ़ सकती है। सीएम नीतीश कुमार के करीबी सांसद पर मुजफ्फरपुर की सीजेएम कोर्ट में खिलाफ परिवाद दायर हो गया है। इतना ही नहीं कोर्ट ने इस मामले में आगामी दो जुलाई को सुनवाई की तिथि भी मुकर्रर किया गया है। मामले की जानकारी अधिवक्ता हरिओम कुमार ने दिया है।
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परिवादी दिलीप कुमार कुशवाहा ने बताया है कि बीते दिनों सीतामढ़ी जिला के डुमरा और परिहार में सांसद देवेश चंद्र ठाकुर द्वारा जाति को लेकर टिप्पणी की गई थी। इसमें वोट नहीं देने पर काम नहीं करने की बात कही थी। इसके बाद कुशवाहा समाज के लोगों पर भी टिप्पणी करते हुए लालू यादव के पास चले जाने की बात कही थी। इसको लेकर के हमारे समाज की छवि धूमिल हुई। इससे आहत होकर यह परिवार दायर कराया है। कोर्ट से अपील है कि वह इस मामले को गंभीरता से लें और उचित कार्रवाई करें।
जानिए क्या कहा था देवेश चंद्र ठाकुर ने
बता दें कि हाल में जदयू सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने कहा था कि वह अब कुशवाहा, यादव और मुसलमानों के लिए कोई काम नहीं करेंगे। यादव और मुसलमान समाज के लोग कोई काम करवाने आते हैं तो जरूर आएं लेकिन चाय नाश्ता कर वापस चले जाएं। सीएम नीतीश कुमार के करीबी सांसद यहीं नहीं रुके। उन्होंने आगे कहा कि जब यादव और मुसलमान वोट डालते समय तीर के निशान में पीएम नरेंद्र मोदी का चेहरा देखते हैं तो मैं आपके लिए काम करते हुए लालू और लालटेन का चेहरा क्यों न देखूं। आपलोग मेरे यहां जरूर आइए। चाय पीजिए, मिठाई भी खाइए लेकिन काम की बात मत कीजिए। यह बात मैं पहली बार कह रहा हूं और अब मैं यही करुंगा।