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Bihar News: हम के 'दलित समागम' में पहुंचे सीएम नीतीश, जीतन राम मांझी ने पूछा- यह चीज बिहार में क्यों नहीं है?

Fri, 28 Feb 2025 06:10 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना/ गया

सार

जीतन राम मांझी ने कहा कि हमलोग बाबा साहब को मानने वाले लोग हैं। बाबा साहब ने कहा था कि हम गरीबों का मानदंड यह नहीं है कि हम भूखे और हम अंगूठा छाप हैं। हमलोग पढ़े लिखे लोग नहीं है। हमलोगों में यही कमी है। इसलिए हमें हर हाल में साक्षर होना पड़ेगा।
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क्रम से मंत्री संतोष सुमन, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी, सीएम नीतीश कुमार और मंत्री विजय चौधरी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पटना के गांधी मैदान में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा की ओर से दलित समागम का आयोजन किया गया। खास बात यह रही कि इस कार्यक्रम में सीएम नीतीश कुमार समेत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के कई दिग्गज नेता पहुंचे। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने सीएम नीतीश कुमार और मंत्री विजय चौधरी का स्वागत किया। सीएम को अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ भेंट किया। सीएम नीतीश कुमार ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सब यहां इस कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे हैं। मैं आप सबको बधाई देता हूं। आपका अभिवादन स्वीकार करता हूं। 

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आप जल्दी बाजी कर रहे हैं, यह अच्छी बात नहीं है
वहीं दलित समागम समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री सह हम पार्टी के संरक्षक जीतन राम मांझी ने कहा कि एक बात हम अभी कहना चाहते हैं। बिहार के कोने-कोने से अपना समय बर्बाद करके हम लोगों को सुनने के लिए आए हैं। थोड़ा देर आप लोग रूके। हमारी एकता के लिए हम आए हैं। हम एकता को प्रदर्शित करने के लिए आए हैं। लोगों को पता चले कि लोग दिल से आए हैं या भाड़े पर आए हैं। आप समागम में आए हैं तो सबों की बात सुनकर के जाइए और सुनिए ही नहीं उसको अमल कीजिए। ताकि आगे आने वाला राजनीतिक में आपको फायदा हो। आज दलित की समस्या अनेक है सब कोई जानते हैं। आप कटोरा लेकर के घूमते हैं, लेकिन आज दलित की बात करने के लिए सुनने और समझने के लिए आए हैं। आप जल्दी बाजी कर रहे हैं, यह अच्छी बात नहीं है।

 केंद्र में सफाई कर्मचारी आयोग है, लेकिन बिहार में क्यों नहीं है?
जीतन राम मांझी ने लोगों से पूछा कि केंद्र में सफाई कर्मचारी आयोग है, लेकिन बिहार में क्यों नहीं है? जब हम मुख्यमंत्री थे तो सफाई कर्मचारी आयोग का मसौदा लाने का काम किए थे। हम जो कहना चाहते हैं, वह बात मुख्यमंत्री जी सुन रहे होंगे। अगर नहीं तो उनको सुनाइए। जैसे अन्य राज्यों में सफाई कर्मचारी आयोग का गठित किया गया है। वैसे इस समागम की मांग कि बिहार में सफाई कर्मचारी आयोग का गठन किया जाए। मांझी ने अपने समाज के लोगों से कहा कि अब राजनीति में एक होने की जरूरत है अगर एक नहीं होंगे तो हम लोग कटोरा लेकर के घूम रहे हैं। इसलिए 2025 के चुनाव में एक होकर के निर्णय लेने की जरूरत है। कौन लोग आगे बढ़ा हुआ है, जिसको सहयोग देने से दूसरे लोगों को हम समानांतर जा सकते हैं। अपना हक ले सकते हैं, वैसे लोगों के पक्ष में एक होकर के हमारा दलित समाज और सिर्फ समाज एक होकर के मतदान करेगा तो आगे आने वाले दिन में कोई भी प्रस्ताव हम बिहार सरकार से पास करा लेंगे।

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हमलोग बाबा साहब को मानने वाले लोग हैं
जीतन राम मांझी ने कहा कि हमलोग बाबा साहब को मानने वाले लोग हैं। बाबा साहब ने कहा था कि हम गरीबों का मानदंड यह नहीं है कि हम भूखे और हम अंगूठा छाप हैं। हमलोग पढ़े लिखे लोग नहीं है। इसलिए बाबा अंबेडकर साहब ने कहा था कि जो पढ़ेगा वह घर जाएगा। इसलिए पढ़ाई की और शिक्षा शेरनी के दूध है, जो दूध पिएगा वह घर जाएगा। हम लोग को आज दूध नहीं मिल रहा है। पढ़ाई ठीक से नहीं हो रही है। इसकी जरूरत है इसीलिए हमारा बाबा साहब ने कहा और आज जो वर्गीकरण का मामला है। आज हमारे समाज में जनरल समाज 80 से 85% साक्षर हो गया है। हमारा शेड्यूल खास कर समाज उनकी साक्षरता दर 7 से 15 प्रतिशत है। उन्नति के आधुनिक युग के उद्देश्य को देखने में बहुत पीछे हैं। इ
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