जदयू की महिला प्रवक्ताओं ने प्रेस वार्ता की।
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जदयू नेत्रियों ने राजद से पूछे यह सवाल
इधर, सीएम नीतीश कुमार के जदयू दफ्तर आने से पहले जनता दल यूनाईटेड के प्रदेश प्रवक्ता अंजुम आरा, प्रदेश प्रवक्ता सुश्री अनुप्रिया और पार्टी मीडिया पैनलिस्ट पूजा एन शर्मा ने संयुक्त तौर पर मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने महिला सशक्तिकरण को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सरकार के कामों की चर्चा की। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सरकार का माॅडल अनूठा है और वो महिलाओं को राजनीतिक,सामाजिक और आर्थिक तौर पर सशक्त करने को लेकर एक रोल माॅडल हैं। इन पार्टी प्रवक्ताओं ने साल 1990 से लेकर 2005 तक आरजेडी ने अपने शासनकाल के दौरान बेटियों के सशक्तिकरण को लेकर क्या-क्या काम किए इन सवालों के क्रमवार जवाब मांगने की बात कही। जदयू प्रवक्ताओं ने राजद से यह पांच सवाल किए...
- जब 2006 में नीतीश कुमार सरकार ने ‘मुख्यमंत्री बालिका साइकिल योजना’ और ‘पोशाक योजना’ शुरू कीं, तब लड़कियों की स्कूल जाने की संख्या में भारी बढ़ोतरी देखी गई। राजद शासन में ऐसी योजनाएं क्यों नहीं बनीं?
- बिहार में बेटियों की उच्च शिक्षा को लेकर काॅलेजों की संख्या बढ़ाने, छात्राओं के लिए छात्रावास और अन्य सुविधाएं देने में आरजेडी सरकार की क्या भूमिका थी?
- बालिकाओं को इंटरमीडिएट/स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद आर्थिक सहायता देकर उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने का विचार आपके शासनकाल में क्यों नहीं किया गया?
- आपके शासनकाल (1990-2005) में महिला अभ्यर्थियों को सिविल सेवा जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं के लिए प्रोत्साहित करने और सहायता देने के लिए कोई योजना क्यों नहीं बनाई गई?
- राजद के शासनकाल (1990-2005) में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कोई ठोस योजना क्यों नहीं बनाई गई? नर्सिंग और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों की स्थापना जैसे प्रयास आरजेडी के कार्यकाल में क्यों नहीं किए गए?
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