पुलिस ने बच्चा बरामद किया, तो उसका पिता ही निकला असल खिलाड़ी। मां चौंक गई जानकर।
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प्राथमिकी से अलग निकले चोरी कांड के नाम
प्राथमिकी में एक आशा कार्यकर्ता का नाम था और एक डॉक्टर के साथ खरीदार और दलाल के भी नाम थे। आशा कार्यकर्ता की इसमें भूमिका थी। जिसे डॉक्टर आदित्य राज उर्फ डॉ. चिंटू बताया जा रहा था, वह दरअसल एक कंपाउंडर है। उसकी भूमिका थी। प्राथमिकी में जिस खरीदार और दलाल का जिक्र गोलू के पति ने कराया था, उससे अंतत: मामला नहीं जुड़ा। जब पुलिस ने गोलू के पति राजेश को पकड़ा तो एक अस्पताल चलाने वाले लालगंज थाना के मलंग चौक दिलावलपुर निवासी अरुण कुमार के साथ मेडिकल प्रोफेशन से ही जुड़े तीन और लोग पिरापुर निवासी जयप्रकाश कुमार, सारण जिले के दरियापुर थाना क्षेत्र के टरवा मंगरलपाल निवासी जितेंद्र कुमार एवं हाजीपुर नगर थाना क्षेत्र निवासी अविनाश कुमार से जुड़ाव खुलने लगा। राजेश को 50 हजार रुपये देकर बच्चा ले जाने वाले गोरौल थाना क्षेत्र के सदोपुर निवासी रमेश कुमार का भी नाम सामने आ गया। इन सभी की गिरफ्तारी के साथ बच्चे की बरामदगी हो गई। सोमवार की रात पुलिस ने बच्चे को मां की गोद में सौंप भी दिया। कंपाउंडर आदित्य राज और आशा कार्यकर्ता मीनू कुमारी ने गोलू कुमार को 10 सितंबर 2024 को हाजीपुर के जौहरी बाजार स्थित न्यू बुद्ध अपोलो इमरजेंसी हॉस्पिटल में लाकर भर्ती कराने और बच्चे को बेचने की प्राथमिक भूमिका निभाई थी। यह दोनों अभी फरार हैं।
(इनपुट: अभिषेक कुमार, वैशाली)
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