सीएम नीतीश कुमार और कृषि मंत्री मंगल पांडेय।
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दूध, अंडा, मांस एवं मछली उत्पादन में काफी वृद्धि हुई
वर्ष 2008 से ही राज्य में कृषि रोड मैप बनाकर कृषि विकास कार्यक्रम चलाये गये, जिससे फसलों, फलों एवं सब्जियों के उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि हुई। राज्य में धान, गेहूं एवं मकई की उत्पादकता पहले के मुकाबले लगभग दोगुनी हो गयी है। साथ ही दूध, अंडा, मांस एवं मछली उत्पादन में काफी वृद्धि हुई है। मछली का उत्पादन ढाई गुना से अधिक हो गया है जिससे मछली के उत्पादन में बिहार लगभग आत्मनिर्भर हो गया है। वर्तमान में चौथे कृषि रोड मैप (2023 से 2028) का क्रियान्वयन शुरू हो चुका है, जिसमें कृषि प्रक्षेत्र के समग्र विकास हेतु लगभग 1 लाख 62 हजार करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गयी है। इधर, कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न लाभुकों के बीच सांकेतिक रुप से कृषि यंत्रों का वितरण किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को कृषि विभाग के सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने पुष्प गुच्छ एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर स्वागत किया। विभिन्न लाभुकों ने भी मुख्यमंत्री को पेंटिंग्स भेंटकर स्वागत किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री मंगल पांडे, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा, विकास आयुक्त प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ, कृषि विभाग के सचिव संजय कुमार अग्रवाल, मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, पटना के जिलाधिकारी डॉ चंद्रशेखर सिंह, वरीय पुलिस अधीक्षक राजीव मिश्रा सहित कृषि विभाग के अन्य वरीय अधिकारीगण, कृषि वैज्ञानिक-विशेषज्ञ, कृषि व्यवसाय से जुड़े उद्यमी एवं विभिन्न कृषि यंत्र निर्माता कंपनियों के प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।