कुछ माह पहले ही अपनी मांगों को लेकर IMA हॉल में जुटे थे शिक्षक अभ्यर्थी। (फाइल फोटो)
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एक साल के अंदर तीन बार आयोजित की जाएगी सक्षमता परीक्षा
विभाग ने सक्षमता परीक्षा के लिए अभी एजेंसी तय नहीं की है। विभाग ने लिखा है कि वह एजेंसी का चयन कर सक्षमता परीक्षा आयोजित करेगा। इस परीक्षा की मियाद भी तय कर दी गई है। सक्षमता परीक्षा नियमावली के लागू होने की तारीख से एक साल के अंदर तीन बार आयोजित की जाएगी। अंतिम यानी तीसरे प्रयास में भी जो नियोजित शिक्षक इस परीक्षा में उत्तर नहीं होंगे उन्हें सेवा से हटा दिया जाएगा। मतलब बिल्कुल स्पष्ट है कि नियोजित शिक्षक अब विशिष्ट शिक्षक हो गए हैं और 1 साल के अंदर उन्हें तीन बार साक्षमता परीक्षा में बैठने का मौका मिलेगा। इस परीक्षा में फेल करने वाले अंततः तीसरे मौके के बाद नियोजित शिक्षक भी नहीं रहेंगे। विभाग ने स्थानीय निकाय द्वारा स्थानीय निकाय नियमावली 2020 के तहत दिए गए आरक्षण प्रावधानों के तहत ही इन विशिष्ट शिक्षकों की नियुक्ति का प्रावधान रखा है। मतलब साफ है कि जिस आरक्षण के तहत स्थानीय निकाय में शिक्षक नियोजित हुए थे, इस नियमावली के तहत अब विशिष्ट शिक्षक भी बनेंगे।
वरीयता निर्धारित करने का फार्मूला
विशिष्ट शिक्षकों की वरीयता सूची जिला स्तर पर तैयार होगी। प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक के लिए विषयवार अलग वरीयता सूची तैयार की जाएगी। वरीयता सूची में उनके पहले वेतनमान की तारीख देखी जाएगी। जहां दो शिक्षक एक ही तिथि के होंगे, वहां जन्मतिथि के आधार पर वरीयता तय होगी। इसमें भी अगर चिट्टियां टकरा गई तो वर्णमाला क्रम में शिक्षक का नाम वरीयता तय करेगा। से संबंधित किसी भी तरीके का अंतिम निर्णय जिला शिक्षा पदाधिकारी ले सकेंगे।
अपनी मांगों को लेकर पटना में सड़क पर उतरे थे शिक्षक अभ्यर्थी। (फाइल फोटो)
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