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Bihar News: सीवान में बांध टूटा, खेतों में पानी घुसने से किसानों के बीच हड़कंप; अब जवाब नहीं दे रहे इंजीनियर

Mon, 23 Jun 2025 07:51 AM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीवान

सार

ग्रामीणों ने जल संसाधन विभाग के इंजीनियर पर लापरवाही का आरोप लगाया। कहा कि बांध का अगर ठीक से ध्यान रखा जाता तो ऐसी घटना नहीं होती। सवाल पूछने पर विभाग कर्मचारी कहते हैं पानी को कौन रोक सकता है?
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बांध टूटने के बाद की तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सीवान जिले के गोपालपुर इलाके से एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहाँ बीती रात नहर का बांध टूट जाने से आसपास के खेतों में तेज़ी से पानी का रिसाव होने लगा। नहर के किनारे अचानक तेज़ धार में बहते पानी को देख ग्रामीणों में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जुट गए। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना जल संसाधन विभाग को दी, जिसके बाद आननफानन में विभाग द्वारा एक जूनियर इंजीनियर व कुछ कर्मियों को घटनास्थल पर भेजा गया।
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सूत्रों के अनुसार, देर रात तक ट्रैक्टर के माध्यम से मिट्टी लाकर जेसीबी की मदद से बांध के रिसाव को रोकने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद अब तक पानी का रिसाव नहीं रुक पाया है। खेतों में पानी फैलने से किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है, लेकिन प्रशासन और जल संसाधन विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

मौके पर मौजूद जूनियर इंजीनियर से जब पत्रकारों ने बांध टूटने को लेकर सवाल पूछे तो उन्होंने कोई जवाब देने से इनकार कर दिया और मीडिया कर्मियों के साथ बदसलूकी तक की। विभाग के अन्य कर्मी ने बताया कि यहां सलुइस गेट था और दो महीने पहले बारिश को देखते हुए इसकी मरम्मत कराई गई थी। लेकिन, मरम्मत के बावजूद बांध में लीकेज हो गया और पानी खेतों में घुस गया। जब उनसे बांध के टूटने पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने लापरवाही भरे अंदाज़ में कहा कि पानी है, उसको कौन रोक सकता है? 
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ग्रामीणों का आरोप है कि हर साल इसी तरह की घटनाएं होती हैं और विभाग सिर्फ कागज़ों में मरम्मत दिखाकर खानापूर्ति करता है। लेकिन, हकीकत में न कोई स्थायी समाधान किया जाता है और न ही लापरवाह कर्मियों पर कोई कार्रवाई होती है। जल संसाधन विभाग के मंत्री विजय चौधरी और वरीय अधिकारियों से अपील है कि वह इस मामले को गंभीरता से ले और जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारियों पर कार्रवाई करें। 

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