Bihar : बच्चे के जन्म से घर में ख़ुशी का माहौल था। बहनोई की शक्ल में एक
भेड़िये ने अपनी पत्नी की नाबालिग बहन के साथ ऐसा कृत्य किया है, जिसके बाद रिश्ता शब्द भी शर्मिंदगी के सागर में डूब गया। कहानी सुनकर तो घीन्न आती है।
पत्नी के नवजात शिशु की देखभाल के लिए एक शख्स ने अपनी पत्नी की नाबालिग बहन को ससुराल से अपने घर ले लाया। फिर ऐसा कांड कर दिया, जो ससुराल वालों को नागवार गुजरा और फिर आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा कर दामाद को जेल भेजवा दिया। मामला औरंगाबाद जिला के देव थाना क्षेत्र का है।
नवजात शिशु की देखभाल के लिए साली को लाया था घर
दरअसल आरोपी की पत्नी ने एक बच्चे को जन्म दिया। इसी कारण पति ने चैती छठ पूजा के समय रोहतास जिले के एक गांव में अपने ससुराल जाकर पत्नी की नाबालिग बहन को नवजात बच्चे की देखभाल के लिए ले आया। घर लाने के कुछ ही दिन बाद मौका पाकर शख्स ने उस मासूम बच्ची के साथ गंदा काम कर दिया। यह बात जब ससुराल वालों तक पहुंची तो लोग हतप्रभ रह गये। उन्होंने कहा कि मुझे अपने दामाद से ऐसा करने की सपने में भी उम्मीद नहीं थी। गुस्से में वेलोग आरोपी के स्थानीय थाना पहुंचे और उसके खिलाफ मामला दर्ज कराया। प्राथमिकी दर्ज होते ही पुलिस हरकत में आई और त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी शख्स को गिरफ्तार कर लिया।
परिजनों की शिकायत पर एक्शन में आई पुलिस
औरंगाबाद सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी(एसडीपीओ)-2 अमित कुमार ने बताया कि मामले को लेकर नाबालिग के परिजनों ने देव थाना में शिकायत की। शिकायत मिलते ही पुलिस टीम गांव पहुंची और मासूम पीड़िता को चिकित्सकीय जांच के लिए महिला पदाधिकारी के साथ औरंगाबाद सदर अस्पताल भेज दिया। इसके बाद आसपास के लोगों का भी बयान दर्ज किया। मामले में पीड़िता के परिजन के लिखित आवेदन के आधार पर देव थाना में सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
एसपी ने गठित की थी एसआइटी
मामले की गंभीरता को देखते हुए औरंगाबाद के पुलिस अधीक्षक अम्बरीष राहुल ने कहा कि एसआईटी का गठन किया गया है। कांड के उद्भेदन की जिम्मेदारी एसआईटी को सौंपी गई है। पुलिस अधीक्षक अम्बरीष राहुल ने कहा कि एसआईटी के द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को 24 घंटे के अंदर ही गिरफ्तार कर लिया गया। अब आरोपी के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शख्स ने कबूला अपराध
घटना के संबंध में सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी(एसडीपीओ)-2 अमित कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी ने पुलिस के समक्ष अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। मामले में पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद उसे जेल भेज दिया है।