साक्ष्य एकत्र करने पहुंची FSL की टीम।
- फोटो : अमर उजाला
इलाके में शांति व्यवस्था बनी रहे इसके लिए सुरक्षाकर्मियों को तैनात कर दिया गया है
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31 मार्च से अशांत है बिहारशरीफ का एक बड़ा हिस्सा
31 मार्च को नालंदा में दो पक्षों में भिड़ंत हो गई थी। दोनों ओर से पथराव, आगजनी और गोलीबारी हुई थी। हालात इतने बिगड़ गए थे कि इलाके में कर्फ्यू लगाना पड़ा गया है। एक अप्रैल को एक बार फिर
हिंसा भड़क गई थी। पहाड़पुर के पास दो पक्षों में कहासुनी के बाद फायरिंग शुरू हो गई। इस दौरान दोनों पक्षों की ओर से 30-40 राउंड फायरिंग हुई। फायरिंग में दो पक्षों के एक-एक को गोली लगी, जिसमें 17 साल के गुलशन की मौत हो गई थी। उपद्रव शांत नहीं हुआ, हालांकि प्रशासन ने कर्फ्यू हटाते हुए तनाव पर काबू पाने के लिए धारा 144 को लागू रखा।
भट्ठी भी गए थे, शांति के बाद मुख्यमंत्री ने दूसरी बैठक भी की
बिहार के डीजीपी आरएस भट्ठी भी वहां गए और लोगों से शांति बरतने की अपील की थी। पिछले दिनों मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी एक कार्यक्रम के सिलसिले में गृह जिला नालंदा पहुंचे और अफसरों से बाकी कामकाज के अलावा इस मामले पर भी बात की थी।