बेटी की हत्या के आरोप में पिता गिरफ्तार।
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डायल 112 के कॉल के जरिए पुलिस तक यह बात पहुंच चुकी थी कि प्यार-मोहब्बत का मामला है। यह भी पता चल गया था कि प्रेमी-प्रेमिका भाग गए थे, फिर लड़की के परिजनों को उनका पता चल गया और वह दिल्ली से समस्तीपुर के लिए चल चुकी थी। इसके बाद वह कहां गई, सवाल यही था। लड़की की मां को अपने ही पति पर शक हो रहा था। वह बता ही नहीं रहा था कि उसकी बेटी दिल्ली से चली तो समस्तीपुर आकर कहां गई या जिंदा भी है या नहीं? मां का शक जब गहरा गया तो उसने पुलिस को कॉल कर दिया। पुलिस घर में पहुंची तो पिता ने इत्मिनान से बताया कि उसकी बेटी साक्षी ने सुसाइड कर लिया है। अब पुलिस का भी शक गहरा गया। पुलिस आगे कुछ जांच-पड़ताल में निकलती, इससे पहले उसे उसी मकान के बाथरूम में बाहर से ताला लगा दिखा। नानुकर के बाद ताला खुला तो पुलिस टीम भी सन्न रह गई। जिस लड़की की सुसाइड की कहानी पिता सुना रहा था, वह ताला-बंद बाथरूम के अंदर मरी पड़ी थी।
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शव को ठिकाने लगाने की तैयारी के पहले खुल गया खेल
समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर थाना क्षेत्र के तांडा गांव में जातिगत सम्मान के नाम पर साक्षी की हत्या किए जाने का मामला चर्चा में है। पिता अब भी सुसाइड की बात पर अड़ा है, जबकि मौके पर ताला-बंद बाथरूम के अंदर गला दबाकर मारी गई लड़की का शव मिला था। बहुत आश्चर्य इस बात का भी है कि जातिगत सम्मान के नाम पर बेटी की हत्या किसी आवेश में नहीं की गई लगती है। योजना का अंतिम हिस्सा, यानी शव को ठिकाने लगाने का काम बाकी था। उससे पहले यह केस खुल गया। अगर मां अपनी बेटी से मिलने की जिद पर नहीं अड़ती और पुलिस तक अपनी बात नहीं पहुंचाती तो यह शव कहीं लावारिस भी शायद ही मिलता।
चार अप्रैल को भागी दिल्ली, नौ अप्रैल को घर में शव बरामद
तांडा गांव निवासी मुकेश कुमार सिंह उर्फ पप्पू सिंह की 24 साल की बेटी साक्षी चार अप्रैल को अपने पड़ोस के ही एक युवक के साथ प्रेम प्रसंग में भाग गई थी। दोनों अगड़ी जाति का परिवार है, हालांकि जातियां अलग हैं। दोनों की जाति अलग होने के कारण साक्षी को पता था कि उसके पिता को यह रिश्ता स्वीकार नहीं होगा, इसलिए वह युवक के साथ चार अप्रैल को घर से निकल भागी। पिता को पता लगाने में दो दिन का समय लगा कि वह दिल्ली में है। इसके बाद लड़के के परिवार वालों पर दबाव डालते-डालते उसने साक्षी की वापसी सुनिश्चित की। उसने अपने भांजे को भेजा और उसके साथ साक्षी को समस्तीपुर बुला लिया। साक्षी के समस्तीपुर आने की जानकारी उसने अपनी पत्नी को नहीं दी। साक्षी की मां उसकी दूसरी पत्नी है। पहली पत्नी और उसके बच्चों को साक्षी का पता था। साक्षी समस्तीपुर आने के बाद कहां गई, यह पता करने के लिए उसकी मां ने अपने पति पर हर तरह का दबाव डाला, लेकिन बात नहीं बनी। तब साक्षी की मां ने अपने बहनोई को बुलाकर साढू़ को समझाने कहा। इससे भी जब बात नहीं बनी तो पुलिस को खबर दी गई। इसके बाद मुकेश सिंह उर्फ पप्पू सिंह ने बेटी की सुसाइड की बात कही और इधर पुलिस ने ताला-बंद बाथरूम से शव बरामद किया।
हत्या किस समय की गई और कैसे मारा गया, अब पता चलेगा
पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। मुकेश कुमार सिंह उर्फ पप्पू सिंह ने पुलिस को बताया था कि उसकी बेटी ने नौ अप्रैल को सुबह साढ़े 11 बजे सुसाइड किया है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का समय देखना चाह रही है और साथ ही हत्या-आत्महत्या से जुड़े संकेतों को समझना चाह रही है। रिपोर्ट अभी नहीं आई है, लेकिन जिस तरह से मुकेश कुमार सिंह उर्फ पप्पू सिंह की गिरफ्तारी की गई है, पुलिस को अनौपचारिक तौर पर यकीन है कि यह हत्या का मामला है। पटोरी के डीएसपी बीके मेधावी ने कहा कि यह ऑनर किलिंग का मामला है। लड़की की मां के बयान के आधार पर उसके पिता मुकेश कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है।
(इनपुट-
पूनम, समस्तीपुर)