परेशान हैं अभिभावक
इस संबंध में भागवत नगर निवासी कृष्णा प्रसाद का कहना है कि उनके पुत्र ने बताया कि दो महीने से सही ढंग से पढाई नहीं हो रही है। शिक्षक विगत पांच महीनों से वेतन नहीं मिलने की बात कह रहे थे। फिर अचानक सभी शिक्षक एक दिन कोचिंग बंद कर के फरार हो गये। अब वही शिक्षक जो कल तक वहां पढ़ाते थे अब दूसरी जगह से उन बच्चों को फोन कर बुलाकर दूसरे संस्थान में नामांकन कराने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। अब स्थिति यह है कि मेरे रुपये भी डूब गये और मेरे बच्चे की पढ़ाई भी नहीं हो पाई। अब मैं क्या करूँ?
गहना बेचकर दिया फिटजी में फीस
कंकड़बाग़ स्थित ब्रांच में पढ़ने वाली बिहार शरीफ की छात्रा की मां ने बताया कि मैंने अपनी बेटी का नामांकन जून 2024 में कराया था। उस दिन मुझसे ऑनलाइन 40 हजार रुपये लिए। फिर मुझसे चेक देने के लिए कहा गया तब मैंने 1 लाख 32 हजार रुपये का चेक दिया। महिला ने बताया कि हमने अपने गहने बेचकर बेटी को पढ़ने के लिए रुपये दिए थे, जो अब डूब गये।
हंगामा होने पर शिक्षक और कर्मचारियों को थाना बुलाया फिर छोड़ दिया
कृष्णा प्रसाद ने बताया कि मुझसे तीन किस्तों में कुल 2 लाख 50 हजार रुपये लिए गये। उन्होंने बताया कि जब बच्चों को कोचिंग बंद होने की जानकारी हुई तो सभी बच्चों ने इस बात की जानकारी अपने माता-पिता को दी। देखते ही देखते पटना के चारों केन्द्रों पर बच्चों के माता-पिता जमा हो गये और हंगामा करने लगे। हंगामा की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस भी उन संस्थानों तक पुलिस पहुँच गई। मामला ज्यादा न बिगड़े इसलिए माहौल को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस ने कोचिंग के सारे शिक्षकों और कर्मियों को पकड़कर कोतवाली थाना ले आई। कुछ ने कहा कि मैं इस कोचिंग में कर्मचारी हूं, तो किसी ने कहा कि मैं गार्ड हूं। शिक्षकों ने पुलिस को कहा कि मैं शिक्षक हूं, मेरा काम सिर्फ पढ़ाना है। शिक्षकों ने फिर बच्चों की पढ़ाई को जारी रखने का आश्वासन दिया और इस आधार पर पुलिस ने सभी को छोड़ दिया।
फिटजी में अब है ताला बंद
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
फिटजी के शिक्षक अब चेतन्या कोचिंग के लिए लुभा रहे हैं
मुजफ्फरपुर की रहने वाली सुहानी ने बताया कि 15 जनवरी को बच्चों को कोचिंग बुलाया गया। कोचिंग आने के बाद बच्चों को तीन घंटे तक बच्चे शिक्षक का इंतजार करते रहे। अभिभावक भी वहां पहुंच गये और खूब हंगामा किया। फिर किसी तरह मामला शांत हुआ। अगले दिन यानी 16 जनवरी को शिक्षक ने फोन कर बताया कि कोचिंग बंद हो गया है। अब मैं चेतन्या कोचिंग में पढ़ा रहा हूं, यहां आकर नामांकन करा लो।
मेल का जवाब भी अजूबा आया
परिजन फिर फ्रेजर रोड स्थित फिटजी के शाखा में पहुंचे। वहां बैठे कर्मचारियों ने एक मेल आईडी दिया और कहा कि आप अपनी बात इस मेल से भेज दीजिये। आपको ताज्जुब होगा जब वहां से मेल का जवाब आया। मेल में लिखा था कि, जहां आपने रुपया दिया है वसूली भी वहीं कीजिये। अब सभी परिजन पुलिस की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
निदेशक सहित चार लोगों पर मामला दर्ज
इस संबंध में कोतवाली थानाध्यक्ष राजन कुमार ने 'अमर उजाला' को बताया कि फिटजी कोचिंग संस्था पर पूर्व नियोजित तरीके से बंद करने और फीस की रकम हड़प कर छात्रों का नुकसान करने के आरोप में कांड संख्या 41/ 25 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। थानाध्यक्ष ने बताया कि इस मामले में कोचिंग के निदेशक डी के गोयल सहित मनीष आनंद, राजीव बब्बर और आर के ठाकुर को नामजद अभियुक्त बनाया गया है। अब इस मामले में कोचिंग संस्था के खिलाफ जितने भी आवेदन आ रहे हैं, सभी को कांड संख्या 41/ 25 के साथ ही संलग्न किया जा रहा है। पुलिस अब उन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।