बेतिया में जमीन का फर्जी कागजात बनाकर लोगों से लाखों रुपए चूना लगाने वाले दो शातिरों को गिरफ्तार किया है। मामला बगहा पुलिस जिले के चौतरवा की है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान धनहा के डीही निवासी किसुनदेव प्रसाद तथा बैरिया थाना के तधवा नंदपुर गांव निवासी मुकेश कुमार के रूप में की गई है। पुलिस का कहना है किसुनदेव प्रसाद सरकारी शिक्षक हैं। पुलिस ने बताया कि जमीन का फर्जी कागजात बनाने का काम चौतरवा निवासी योगेश कुमार साह के घर से संचालित किया जाता था।
इस मामले पर सीओ नर्मदा श्रीवास्तव ने बताया कि यह फर्जीवाड़ा चौतरवा निवासी योगेश कुमार साह के घर से संचालित किया जाता था। छापेमारी के दौरान कंप्यूटर, मोबाइल और जमीन से जुड़े कई फर्जी कागजात बरामद किए गए हैं। उन्होंने बताया कि मास्टरमाइंड सरकारी शिक्षक किसुनदेव प्रसाद और उसके सहयोगी खोभरी साह को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरोह भोले-भाले लोगों से लाखों रुपए ठग कर नकली कागजात बनाते थे। सीओ नर्मदा श्रीवास्तव ने बताया कि गिरोह के लोग नकली कागजात तैयार कर ग्रामीणों को जमीन का मालिकाना हक दिलाने का झांसा देते थे। इस प्रक्रिया में लाखों की ठगी की गई। शुरुआती जांच में पता चला है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था। इसके तार अन्य क्षेत्रों तक फैले हो सकते हैं।
सीओ नर्मदा श्रीवास्तव, चौतरवा थाना के एसआई प्रमोद कुमार, आरओ विकास कुमार की टीम मामले की जांच कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के जरिए गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। छापेमारी के दौरान गिरोह के अड्डे से कंप्यूटर, मोबाइल, और कई नकली जमीन संबंधित दस्तावेज बरामद किए गए हैं। दोनों लोग साथ मिलकर जमीन के दाखिल-खारिज, रसीद, और पट्टा तैयार करने का काम करते थे। इस गिरोह ने कई ग्रामीणों से मोटी रकम लूटी है। सीओ नर्मदा श्रीवास्तव ने बताया कि पतिलार हाता टोला निवासी सत्यनारायण कोइरी की पत्नी सहोदरा देवी से 19,000 हजार रुपए, पतिलार के ही असर्फी यादव के पुत्र कमलेश यादव से 20,000 रुपये और लगुनाहा के किशोर यादव से 20,000 रुपये ठग कर ले लिए। सिंडिकेट के भंडाफोड़ के बाद इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।